नई दिल्ली/देहरादून। देश की राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। बैठक का मुख्य एजेंडा उत्तराखंड में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और आगामी ‘महाकुंभ 2027’ से पहले सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करना रहा।
वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिए कार्यों का प्रदर्शन
बैठक के दौरान उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे अभूतपूर्व कार्यों का एक विस्तृत वीडियो प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। इसमें चारधाम महामार्ग परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाली रणनीतिक सड़कों की वर्तमान स्थिति को दिखाया गया।
मुख्यमंत्री धामी की प्रमुख मांगें और प्रस्ताव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे:
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट के अंतिम चरण के कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया, जिससे दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2.5 घंटे रह जाएगी।
- पिथौरागढ़-अस्कोट-लिपुलेख मार्ग: सीमांत क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए बजट और अन्य तकनीकी बाधाओं को दूर करने पर चर्चा हुई।
- रुद्रप्रयाग सुरंग परियोजना: अलकनंदा नदी पर बनने वाले पुल और करीब 900 मीटर लंबी सुरंग के निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
- रोपवे परियोजनाएं: ‘पर्वतमाला योजना’ के तहत धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली रोपवे परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति पर भी चर्चा की गई।
“समयबद्धता और गुणवत्ता सर्वोपरि” – नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाना चाहिए। गडकरी ने आश्वासन दिया कि उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।





