सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल): मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले गंगासागर मेले के शुरू होने से चंद दिन पहले एक बड़ा हादसा हो गया है। मेला परिसर के भीतर तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए बनाए गए अस्थायी कैंपों में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में भारी मात्रा में टेंट और अन्य सामग्री जलकर स्वाहा हो गई है। राहत की बात यह है कि घटना के समय कैंप खाली थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मेले की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है।
तेज हवाओं ने आग में डाला ‘घी’ का काम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग दोपहर के समय उस क्षेत्र में लगी जहाँ श्रद्धालुओं के लिए बड़े अस्थायी टेंट (पंडाल) लगाए गए थे। समुद्र तटीय क्षेत्र होने के कारण चल रही तेज हवाओं ने आग की लपटों को तेजी से फैला दिया। चूँकि ये कैंप लकड़ी, बांस और प्लास्टिक के तिरपाल से बने थे, इसलिए कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे क्षेत्र को धुएं के गुबार ने ढक लिया।
दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
आग लगते ही मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और दमकल विभाग को सूचित किया गया। दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुँचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने भी रेत और पानी की मदद से लपटों को रोकने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक दर्जनों कैंप जलकर पूरी तरह नष्ट हो चुके थे।
शॉर्ट सर्किट या मानवीय लापरवाही की आशंका
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे बिजली के शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पास में चल रहे निर्माण कार्य या खाना बनाने के दौरान उठी चिंगारी से भी यह हादसा हो सकता है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
घटना के मुख्य बिंदु:
- नुकसान: तीर्थयात्रियों के लिए बनाए गए दर्जनों लग्जरी और सामान्य टेंट जलकर खाक।
- राहत कार्य: दमकल की मुस्तैदी से आग को मुख्य मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर तक फैलने से रोका गया।
- तैयारियां प्रभावित: मेले के शुरू होने से पहले इन कैंपों को दोबारा खड़ा करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती।
- हाई अलर्ट: घटना के बाद पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा और ‘फायर ऑडिट’ के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन का आश्वासन: जिला प्रशासन ने कहा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और युद्ध स्तर पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को घबराने की जरूरत नहीं है, मकर संक्रांति के मुख्य स्नान तक सभी व्यवस्थाएं सुचारू कर ली जाएंगी।





