कोलंबो/नई दिल्ली: श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों ने करोड़ों रुपये मूल्य के उच्च गुणवत्ता वाले गांजे (कैनबिस) के साथ तीन भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो महिलाएं शामिल हैं, जो पेशे से शिक्षक (टीचर) बताई जा रही हैं।
कैसे पकड़ी गई खेप?
मिली जानकारी के अनुसार, ये तीनों यात्री भारत से कोलंबो पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर तलाशी के दौरान अधिकारियों को उनके व्यवहार पर संदेह हुआ। जब उनके सामान की गहनता से स्कैनिंग और जांच की गई, तो उनके बैग के अंदर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खानों में भारी मात्रा में गांजा छिपा हुआ मिला।
बरामदगी और बाजार मूल्य
श्रीलंकाई कस्टम विभाग के अनुसार, बरामद किए गए गांजे का वजन कई किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह गांजा किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है, जो दक्षिण एशियाई देशों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा है।
आरोपियों का विवरण
- शिक्षक होने का दावा: गिरफ्तार की गई दो महिलाओं ने पूछताछ में खुद को भारत में शिक्षक बताया है। पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि क्या वे वास्तव में शिक्षण पेशे से जुड़ी हैं या यह केवल पहचान छिपाने का एक जरिया था।
- तीसरा आरोपी: इनके साथ एक पुरुष को भी हिरासत में लिया गया है, जिसे इस तस्करी का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है।
जांच और कानूनी कार्रवाई
श्रीलंकाई पुलिस और नार्कोटिक्स ब्यूरो अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि:
- यह नशीला पदार्थ भारत के किस शहर से लाया गया था?
- श्रीलंका में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी?
- क्या इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं?
श्रीलंका के कड़े नार्कोटिक्स कानूनों के तहत ड्रग्स तस्करी के मामले में उम्रकैद या भारी जुर्माने का प्रावधान है। भारतीय दूतावास को भी इस गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।





