Wednesday, January 7, 2026

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केदारनाथ में लगातार चौथे दिन भी बर्फबारी का दौर जारी, कड़ाके की ठंड की चपेट में उत्तराखंड

रुद्रप्रयाग/देहरादून: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम के मिजाज तल्ख बने हुए हैं। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते हिमपात के कारण केदारपुरी अब सफेद चादर से ढकी नजर आ रही है, जबकि निचले इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।

धाम में जमी बर्फ की मोटी परत

केदारनाथ धाम में पिछले 96 घंटों से मौसम खराब बना हुआ है। मंदिर परिसर, पैदल मार्ग और आसपास की चोटियों पर दो से तीन फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जहाँ न्यूनतम तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे (-5°C से -10°C तक) पहुँच गया है। बर्फबारी के कारण पुनर्निर्माण कार्य भी आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं, और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों व कर्मचारियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मैदानी इलाकों में शीतलहर का अलर्ट

पहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी का सीधा असर उत्तराखंड के निचले इलाकों और मैदानी जिलों पर देखने को मिल रहा है।

  • बढ़ा ठिठुरन का अहसास: देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और ऊधमसिंह नगर जैसे शहरों में बर्फीली हवाओं के चलने से ठिठुरन काफी बढ़ गई है।
  • कोहरे की मार: मैदानी इलाकों में सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाने लगा है, जिससे विजिबिलिटी कम हो गई है और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
  • बाजारों में सन्नाटा: कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है, लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं।

प्रशासन की तैयारी और सतर्कता

मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारियों ने संबंधित विभागों को अलाव जलाने और रैन बसेरों में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि अचानक बढ़ी ठंड से हृदय और सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है।

आगामी दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में शीत दिवस (Cold Day) की स्थिति बनी रह सकती है। चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी भारी हिमपात की संभावना जताई गई है।

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