देहरादून। केदारनाथ धाम की कठिन पैदल यात्रा अब आसान और तेज़ हो जाएगी। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोपवे निर्माण का कार्य अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) को सौंपा गया है। कंपनी को इसके लिए औपचारिक सहमति पत्र मिल चुका है।
12.9 किमी लंबी परियोजना, छह साल में निर्माण
राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम पर्वतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित यह रोपवे 12.9 किलोमीटर लंबा होगा। मौजूदा समय में जहां श्रद्धालुओं को यह दूरी तय करने में 8 से 9 घंटे का समय लगता है, वहीं रोपवे तैयार होने पर यात्रा महज 36 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित होगी और अगले छह वर्षों में इसके पूरा होने की संभावना है।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एईएल अगले 29 वर्षों तक इस रोपवे का संचालन और रखरखाव करेगी।
हर घंटे 1,800 यात्री कर सकेंगे यात्रा
अधिकारियों के अनुसार, रोपवे प्रत्येक दिशा में प्रति घंटे 1,800 श्रद्धालुओं को ले जाने में सक्षम होगा। इससे हर साल लाखों यात्रियों को सुविधा मिलेगी और यात्रा का बोझ भी काफी कम होगा। यह कदम उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
अदाणी समूह की प्रतिक्रिया
अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा, “केदारनाथ रोपवे केवल एक इंजीनियरिंग परियोजना नहीं है, बल्कि यह भक्ति और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बीच एक सेतु है। इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित, तेज़ और अधिक सुलभ बनाकर हम न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हैं, बल्कि उत्तराखंड के लोगों के लिए नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं।”
प्रदेश को मिलेगा आर्थिक लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी गति मिलेगी।





