हरिद्वार। आगामी हरिद्वार कुंभ मेला 2025 के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। मेला प्रशासन ने इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए एक अस्थायी शहर बसाने की योजना तैयार की है। यह अस्थायी नगरी लगभग 32 सेक्टरों में विभाजित होगी, जिसमें पुलिस थाने, अस्थायी अस्पताल, नियंत्रण कक्ष, यातायात व्यवस्था और राहत केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
मेला अधिकारी के अनुसार, इस अस्थायी शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेला क्षेत्र में सड़क, बिजली, जलापूर्ति और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही स्मार्ट कंट्रोल रूम भी स्थापित होगा, जहां से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि प्रत्येक सेक्टर में पुलिस चौकी और अग्निशमन केंद्र बनाए जाएंगे। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्थायी अस्पताल और एंबुलेंस सेवाएं तैनात रहेंगी। मेडिकल टीमों को चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रखा जाएगा ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
मेला अधिकारी ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए रूट प्लान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पार्किंग स्थल और पैदल मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। यातायात पुलिस को आधुनिक तकनीक और मोबाइल ऐप आधारित निगरानी प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा, अस्थायी शहर में आवासीय टेंट कॉलोनी, भोजनालय, सार्वजनिक शौचालय, पेयजल टैंक और ठहरने के लिए धर्मार्थ संस्थाओं के कैंप भी बनाए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे मेला क्षेत्र में सफाई और कचरा निस्तारण के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
कुंभ मेला अधिकारी का कहना है कि हरिद्वार में यह अब तक का सबसे व्यवस्थित और तकनीक-सक्षम कुंभ मेला होगा। उन्होंने बताया कि सभी कार्य तय समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दिव्य और भव्य कुंभ का अनुभव मिल सके।
हरिद्वार प्रशासन का दावा है कि इस बार का कुंभ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि स्मार्ट मैनेजमेंट और पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण बनेगा।





