मंडला/उमरिया: मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व से वन्यजीव नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसके बाद वन विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जंगल सफारी के दौरान एक बाघ का पीछा करने और जिप्सी को उसके बेहद करीब ले जाने के मामले में विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वीडियो के आधार पर पहचान करते हुए पार्क प्रबंधन ने संबंधित गाइड और जिप्सी चालक को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित (Ban) कर दिया है।
क्या है वायरल वीडियो में?
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बाघ जंगल के रास्ते पर चल रहा है। तभी पर्यटकों से भरी एक जिप्सी बाघ के ठीक पीछे तेज रफ्तार में दौड़ाई जाती है। बाघ घबराकर सड़क छोड़कर झाड़ियों की ओर भागने की कोशिश करता है, लेकिन जिप्सी सवार उसे घेरने और वीडियो बनाने के चक्कर में उसके बेहद करीब पहुँच जाते हैं। यह घटना न केवल वन्यजीव अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि पर्यटकों की जान के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकती थी।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
वीडियो संज्ञान में आते ही टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक (Field Director) ने मामले की जांच के आदेश दिए।
- पहचान और प्रतिबंध: जांच में पाया गया कि जिप्सी चालक और गाइड ने पर्यटकों को रोकने के बजाय बाघ को परेशान करने में सहयोग किया। नियमों के उल्लंघन के चलते दोनों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं और उन्हें भविष्य में पार्क में प्रवेश करने से रोक दिया गया है।
- जिप्सी का रजिस्ट्रेशन निरस्त: नियमों की अनदेखी करने वाली सफारी जिप्सी को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
सफारी के दौरान क्या हैं नियम?
टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रोटोकॉल निर्धारित हैं:
- निश्चित दूरी: किसी भी वन्यजीव, विशेषकर बाघ से कम से कम 20 से 30 मीटर की दूरी बनाए रखना अनिवार्य है।
- रास्ता न रोकना: वन्यजीवों के रास्ते में वाहन खड़ा करना या उनका पीछा करना कानूनी अपराध है।
- शोर मचाना मना है: जंगल के भीतर जोर से बोलना या हूटिंग करना प्रतिबंधित है ताकि जानवर तनाव में न आएं।
विशेषज्ञों की राय और पर्यटकों को चेतावनी
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ जैसे हिंसक जानवर को परेशान करने से वह आक्रामक हो सकता है। यदि बाघ पलटकर हमला कर देता, तो खुली जिप्सी में सवार पर्यटकों का बचना नामुमकिन होता। पार्क प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे रोमांच के चक्कर में अपनी और बेजुबान जानवरों की जान जोखिम में न डालें।
प्रशासन का कड़ा संदेश
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और जिप्सी में लगे जीपीएस (GPS) के माध्यम से वाहनों की निगरानी की जाएगी। विभाग ने अन्य गाइडों और चालकों को भी चेतावनी दी है कि यदि वे नियमों का पालन नहीं करवाते हैं, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।





