हल्द्वानी/काठगोदाम। काठगोदाम थाना क्षेत्र के चांदमारी इलाके में एक 24 वर्षीय युवती द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटककर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका की पहचान दिव्या आर्या के रूप में हुई है, जो एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक (ग्रेजुएशन) अंतिम वर्ष की छात्रा थी। चौंकाने वाली बात यह है कि आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले दिव्या ने अपने एक करीबी दोस्त को व्हाट्सएप पर मैसेज कर अपने मोबाइल फोन का ‘पिन कोड’ (पासवर्ड) भेजा था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
दोस्त को हुआ अनहोनी का अंदेशा, किए 40 कॉल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि रविवार की रात दिव्या अपने परिवार के साथ खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थी।
- रहस्यमयी मैसेज: देर रात दिव्या ने अपने दोस्त को व्हाट्सएप पर मोबाइल का पासवर्ड सेंड किया। अचानक मिले इस मैसेज से दोस्त को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ।
- संपर्क की कोशिश: घबराए हुए दोस्त ने दिव्या को एक के बाद एक लगभग 40 कॉल किए, लेकिन फोन नहीं उठा। संदेह होने पर युवक तुरंत दिव्या के घर पहुँचा, जहाँ उसे पता चला कि उसने सुसाइड कर लिया है। आनन-फानन में परिजन उसे हल्द्वानी के बेस अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता के निधन के बाद संघर्षों में बीत रहा था जीवन
दिव्या के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर बताई जा रही है, जिससे इस घटना का दुख और भी गहरा हो गया है।
- मां उठा रही हैं जिम्मेदारी: परिजनों ने बताया कि दिव्या के पिता का एक साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। घर में दिव्या चार बहनों में सबसे बड़ी थी। उसकी मां दूसरों के घरों में काम करके चारों बेटियों का पालन-पोषण और पढ़ाई का खर्च उठा रही थीं।
- होनहार छात्रा: ग्रेजुएशन फाइनल की छात्रा होने के नाते परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस कदम ने पूरे परिवार को बिखेर दिया है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच शुरू
सोमवार को पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है।
- मोबाइल बना अहम सुराग: उपनिरीक्षक (SI) कुमकुम धनिक ने बताया कि छात्रा का मोबाइल फोन सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिन कोड भेजने के पीछे दिव्या का क्या मकसद था और वह मोबाइल के जरिए क्या राज खोलना चाहती थी।
- फॉरेंसिक जांच: फॉरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस मृतका के दोस्त और परिजनों से भी पूछताछ कर रही है ताकि आत्महत्या के असली कारणों का पता लगाया जा सके।





