नई दिल्ली:देश की विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने अपनी मांगों को लेकर 12 फरवरी को ‘भारत बंद’ और देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल में बैंकिंग, परिवहन और सार्वजनिक क्षेत्र के कई संगठनों ने शामिल होने का निर्णय लिया है। ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि सरकार की नीतियां श्रमिक विरोधी और किसान विरोधी हैं। प्रशासन ने इस बंद के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और प्रमुख शहरों में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए एडवाइजरी जारी की है।
हड़ताल की मुख्य मांगें: क्यों बंद किया जा रहा है देश?
ट्रेड यूनियनों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जिन्हें लेकर वे पिछले लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं:
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली: कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग नई पेंशन योजना (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन बहाल करने की है।
- न्यूनतम वेतन में वृद्धि: यूनियनों की मांग है कि देश में न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रति माह किया जाए।
- निजीकरण का विरोध: रेलवे, बिजली और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की जा रही है।
- किसानों के मुद्दे: एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी और लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा दिलाने जैसे मुद्दे भी इस बंद का हिस्सा हैं।
क्या बंद रहेगा और क्या खुलेगा? (संभावित प्रभाव)
हड़ताल के कारण आम जनता की रोजमर्रा की सेवाओं पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ सकते हैं:
| सेवा | स्थिति | संभावित असर |
| बैंकिंग सेवा | आंशिक बंद | सरकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित हो सकता है, चेक क्लियरिंग और कैश जमा/निकासी में देरी संभव है। |
| सार्वजनिक परिवहन | प्रभावित | रोडवेज बसों और ऑटो-टैक्सी यूनियनों के शामिल होने से आवाजाही में दिक्कत हो सकती है। |
| सरकारी कार्यालय | आंशिक बंद | चतुर्थ श्रेणी और कई क्लर्क यूनियनों के हड़ताल पर रहने से दफ्तरों में कामकाज सुस्त रहेगा। |
| बाजार और दुकानें | खुली रहेंगी | स्थानीय व्यापार मंडलों ने अभी तक बंद का औपचारिक समर्थन नहीं किया है, अतः दुकानें खुली रह सकती हैं। |
| आपातकालीन सेवाएं | खुली रहेंगी | अस्पताल, एम्बुलेंस, दवा की दुकानें और दूध-सब्जी जैसी आवश्यक सेवाएं हड़ताल से बाहर हैं। |
परिवहन और रेलवे पर नजर
ट्रांसपोर्ट यूनियनों के इस बंद में शामिल होने से माल ढुलाई और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है:
- चक्का जाम: कई राज्यों में परिवहन संघों ने ‘चक्का जाम’ की चेतावनी दी है, जिससे नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति बन सकती है।
- रेलवे कर्मचारी: हालांकि ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद नहीं होगा, लेकिन रेलवे के कर्मचारी संगठनों ने गेट मीटिंग और विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
प्रशासन की तैयारी और धारा 144
बंद को देखते हुए दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में पुलिस हाई अलर्ट पर है:
- सुरक्षा तैनाती: संवेदनशील इलाकों और सरकारी भवनों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
- धारा 144: कई जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है, जिससे भीड़ इकट्ठा होने पर पाबंदी रहेगी।





