कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को पांच सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की जांच के तहत की गई। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति जमा की है।
छापेमारी की गई जगहों में हासन, चिक्काबल्लापुर, चित्रदुर्ग और बंगलूरू के अलग-अलग इलाके शामिल हैं। लोकायुक्त के अनुसार, यह कार्रवाई एक साथ और सुनियोजित तरीके से की गई ताकि जांच में कोई बाधा न आ सके।
छापेमारी की सूची में शामिल अधिकारी:
- जयन्ना आर – कार्यकारी अभियंता, एनएचएआई, हासन
- अंजनैया मूर्ति एम – जूनियर इंजीनियर, ग्रामीण पेयजल व स्वच्छता विभाग, चिक्काबल्लापुर
- डॉ. वेंकटेश – स्वास्थ्य अधिकारी, हिरियूर तालुका, चित्रदुर्ग
- एन. वेंकटेश – राजस्व अधिकारी, बीबीएमपी दशरहली उप-प्रभाग, बंगलूरू
- के. ओम प्रकाश – वरिष्ठ सहायक निदेशक (बागवानी), बीडीए मुख्यालय, बंगलूरू
आलीशान बंगले की जांच
सूत्रों के अनुसार, लोकायुक्त टीम ने बंगलूरू में राजस्व अधिकारी एन. वेंकटेश के एक भव्य और महंगे बंगले की भी गहन जांच की। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह संपत्ति उनकी घोषित आय से कई गुना अधिक हो सकती है।
भ्रष्टाचार पर लगाम की कोशिश
लोकायुक्त ने इस कार्रवाई का मकसद स्पष्ट किया है — भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना और सरकारी अधिकारियों को जवाबदेह बनाना। जांच दल अब आय, व्यय और संपत्ति के अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





