प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दोपहर 12:15 बजे कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन करेंगे। यह भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत निर्मित उन 10 भवनों में से एक है, जिन्हें केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों को एक स्थान पर लाने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री शाम 6 बजे कर्तव्य पथ पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन
लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर में फैले इस भवन में दो बेसमेंट और सात मंजिलें (भूतल सहित) हैं। इसमें गृह, विदेश, ग्रामीण विकास, एमएसएमई, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग तथा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।
भवन को पर्यावरण अनुकूल, ऊर्जा दक्ष और तकनीकी रूप से सुसज्जित बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें स्मार्ट एंट्री सिस्टम, ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन, सोलर पैनल, अपशिष्ट जल पुन: उपयोग प्रणाली, विशेष कांच की खिड़कियां और सीसीटीवी कमांड सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
ऊर्जा खपत में 30% की कमी
कर्तव्य भवन-3 को 30 प्रतिशत कम ऊर्जा खपत के मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। इसमें एलईडी लाइट्स, स्मार्ट लिफ्टें, ऑटोमेटेड लाइट कंट्रोल सेंसर, और उन्नत बिजली प्रबंधन प्रणाली लगाई गई है।
2027 तक तैयार होंगे सभी भवन, 1000 करोड़ की परियोजना
शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि अगले महीने तक कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी बनकर तैयार हो जाएंगे। शेष सात भवनों का निर्माण अप्रैल 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना पर कुल खर्च 1000 करोड़ रुपये अनुमानित है।
खट्टर ने बताया कि ये भवन मेट्रो से भी जोड़े जाएंगे, जिसके लिए इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से एक नई लाइन प्रस्तावित है।
75 साल पुराने भवनों की जगह लेगा नया सचिवालय
मंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिन भवनों से मंत्रालय काम कर रहे हैं—जैसे शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन आदि—वे 1950 से 1970 के बीच बने थे और अब पुराने व रखरखाव में महंगे हो गए हैं। इनकी जगह अत्याधुनिक और एकीकृत परिसर की जरूरत महसूस की गई।
वर्तमान में केंद्र सरकार के पास 55 मंत्रालय और 93 विभाग हैं, जिनमें से कई किराये के भवनों में कार्यरत हैं। नए परिसर के निर्माण से अनुमानित 1500 करोड़ रुपये वार्षिक किराया व्यय की बचत होगी।





