Monday, January 12, 2026

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करूर भगदड़ कांड: सीबीआई के रडार पर ‘थलापति’ विजय; आज केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने होंगे पेश, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

चेन्नई/करूर: तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा के दिग्गज चेहरे, टीवीके (TVK) प्रमुख विजय आज केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के समक्ष पेश होंगे। करूर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हुई भीषण भगदड़ के मामले में सीबीआई विजय से पूछताछ करेगी। इस घटना में कई लोगों की जान चली गई थी और बड़ी संख्या में समर्थक घायल हुए थे। मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देश पर मामले की जांच कर रही सीबीआई ने विजय को समन जारी कर आज व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।

क्या है करूर भगदड़ मामला?

यह घटना तब हुई थी जब करूर में विजय की पार्टी ‘तमिझागा वेत्री कड़गम’ का एक विशाल जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

  • भीड़ का अनियंत्रण: कार्यक्रम स्थल पर क्षमता से कई गुना अधिक लोग जमा हो गए थे। विजय की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों में मची होड़ देखते ही देखते भगदड़ में तब्दील हो गई।
  • जान-माल का नुकसान: इस हादसे में कुछ लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद सुरक्षा इंतजामों और आयोजकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
  • सीबीआई को जांच: स्थानीय पुलिस की जांच से असंतुष्ट परिजनों की याचिका पर अदालत ने इस संवेदनशील मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

विजय से पूछताछ के मुख्य बिंदु

सीबीआई की टीम आज विजय से कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर सवाल-जवाब कर सकती है:

  1. आयोजन की अनुमति: क्या कार्यक्रम के लिए प्रशासन से उचित अनुमति ली गई थी और क्या अनुमति के अनुसार ही भीड़ को बुलाया गया था?
  2. सुरक्षा प्रोटोकॉल: पार्टी और आयोजकों की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या निजी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे?
  3. निर्णय प्रक्रिया: भगदड़ शुरू होने के समय मंच से क्या निर्देश दिए गए और क्या स्थिति को भांपने में देरी हुई?

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और राजनीतिक हलचल

विजय की पेशी को देखते हुए सीबीआई कार्यालय और करूर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।

  • प्रशंसकों का जमावड़ा: विजय के हजारों प्रशंसकों के जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग की है और धारा 144 जैसे एहतियाती कदम उठाए हैं।
  • राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप: टीवीके समर्थकों का कहना है कि विजय की बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता से घबराकर सत्ताधारी दल उन्हें कानूनी मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, विरोधियों का तर्क है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और मौतों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

विजय का रुख

अभिनेता से राजनेता बने विजय ने पहले ही इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया था और पीड़ितों के परिवारों की सहायता की घोषणा की थी। उनके वकीलों के अनुसार, विजय जांच में पूरा सहयोग करेंगे और अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखेंगे।

निष्कर्ष: करियर और साख की परीक्षा

राजनीति में कदम रखने के बाद विजय के लिए यह पहला बड़ा कानूनी संकट है। सीबीआई की यह पूछताछ न केवल घटना की सच्चाई सामने लाएगी, बल्कि विजय की भविष्य की राजनीतिक छवि पर भी गहरा प्रभाव डालेगी।

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