नई दिल्ली/ओटावा। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद अगले महीने भारत का दौरा कर सकती हैं, जहां वे अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी। यह दौरा 2023 के बाद दोनों देशों के बीच खराब हुए द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में कनाडा के किसी विदेश मंत्री का पहला आधिकारिक दौरा होगा। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
2023 का निज्जर विवाद और द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट
2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार पर आरोप लगाया था कि वह खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश में शामिल था। इसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में गिरावट देखने को मिली और कूटनीतिक तनाव बढ़ गया।
उक्त विवाद के बाद भारत ने कनाडा के कुछ राजनयिकों को वापस बुलाया और सुरक्षा संबंधी उपायों के तहत कनाडा के दो-तिहाई राजनयिकों की कूटनीतिक सुरक्षा में कटौती कर दी। 2023 के अक्टूबर में 41 कनाडाई अधिकारियों को भारत छोड़ने के लिए कहा गया।
संबंध सुधार की दिशा में कदम
इस साल जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात हुई, जिसके बाद दोनों देशों के संबंध धीरे-धीरे सामान्य होने लगे। इसी क्रम में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने हाल ही में ओटावा में औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाला। इसके अलावा कनाडा के कई वरिष्ठ अधिकारी भी भारत का दौरा कर चुके हैं।
राजनयिक कर्मचारियों की बहाली की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, भारत ने संकेत दिया है कि वह कनाडा में अपने सभी राजनयिकों की बहाली पर विचार कर सकता है। दोनों देशों ने अपने मिशनों और वाणिज्य दूतावासों में क्षमता-संबंधी समस्याओं को सृजनात्मक तरीके से हल करने पर सहमति जताई है।
दौरे का महत्व
इस दौरे को लेकर अभी तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों के अधिकारी आपस में संपर्क में हैं और सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अनीता आनंद का यह दौरा दोनों देशों के बीच भरोसे और संवाद को फिर से मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।





