तेल अवीव/दोहा। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़े तेवर दिखाते हुए कतर में रह रहे हमास नेताओं को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि गाजा युद्ध को समाप्त करने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा वही हैं और जब तक ये नेता सक्रिय रहेंगे, शांति बहाल होना मुश्किल है।
नेतन्याहू ने अपने हालिया बयान में आरोप लगाया कि कतर में रह रहे हमास नेता अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और युद्धविराम की कोशिशों को लगातार विफल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, हमास का शीर्ष नेतृत्व न केवल गाजा में जारी संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है बल्कि आतंकी हमलों की साजिशों को भी अंजाम दिला रहा है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि गाजा संकट का समाधान तभी संभव है जब हमास नेताओं पर दबाव डाला जाए। नेतन्याहू का कहना है कि “हमास का राजनीतिक नेतृत्व सुरक्षित स्थानों से गाजा के निर्दोष लोगों को युद्ध में झोंक रहा है। यह न केवल मानवता के खिलाफ अपराध है बल्कि शांति प्रयासों को भी बाधित करता है।”
कतर में मौजूद हमास नेताओं पर लंबे समय से यह आरोप लगता रहा है कि वे संगठन की गतिविधियों को आर्थिक और रणनीतिक समर्थन देते हैं। इज़रायल लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। हालांकि, कतर का कहना है कि उसकी भूमिका केवल मध्यस्थता और शांति स्थापित करने की है।
विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू का यह बयान गाजा में चल रहे युद्ध और भीषण मानवीय संकट की पृष्ठभूमि में आया है। यह साफ है कि इज़रायल अब हमास के खिलाफ कड़े कदम उठाने की तैयारी में है और आने वाले दिनों में इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।





