दोहा। कतर पर इजरायली हवाई हमले के बाद यूएई के राष्ट्रपति शेख मुहम्मद बिन जाएद अल नाह्यान ने पुराने मतभेद भुलाकर बुधवार को दोहा का दौरा किया। उन्होंने कतर के शासक शेख तमीम बिन हामद अल थानी से मुलाकात की और क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक प्रयासों को लेकर विचार-विमर्श किया।
नाह्यान पहले भी इजरायल की गतिविधियों को लेकर बेचैनी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने वेस्ट बैंक को बांटने की इजरायल की योजना का विरोध किया और कहा कि इस तरह की कार्रवाइयाँ मध्यपूर्व की शांति को नुकसान पहुंचाती हैं। कतर ने अभी तक इजरायल को मान्यता नहीं दी है और दोनों देशों के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं।
कतर की प्रतिक्रिया
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी ने बुधवार को इजरायली हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह हमला क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालने वाला और युद्धविराम या गाजा में बंधकों की रिहाई की उम्मीद को खत्म करने वाला है।
सीएनएन के साथ विशेष साक्षात्कार में अल-थानी ने इसे “राज्य आतंक” करार दिया और चेतावनी दी कि इस हमले से कतर द्वारा इजरायल और हमास के बीच किए जा रहे नाजुक मध्यस्थता प्रयासों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
हमले का विवरण
इजरायल ने मंगलवार को कतर में हमास नेताओं पर हवाई हमला किया। हमले में संगठन के पांच सदस्य मारे गए, जबकि कतर के सुरक्षा बल का एक जवान भी शहीद हुआ और कई घायल हुए। हमास ने कहा कि उसके शीर्ष नेताओं को कोई नुकसान नहीं हुआ। इस हमले की विश्व स्तर पर व्यापक निंदा हुई है।
गाजा में हालात
गाजा में भूखजनित बीमारियों के कारण बुधवार को पांच और लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। इस प्रकार गाजा में भूख से मरने वालों की संख्या बढ़कर 404 हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इसी बीच, यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सला वोन डेर लिएन ने गाजा मामले पर इजरायल पर प्रतिबंध लगाने और आंशिक रूप से व्यापार रोकने की इच्छा जताई। हालांकि, 27 यूरोपीय देशों के इस समूह में इजरायल पर कार्रवाई को लेकर मतभेद हैं और बहुमत का रुख अभी स्पष्ट नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नाह्यान और थानी की यह मुलाकात इजरायल-हमास संघर्ष के बीच मध्यस्थता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में मदद कर सकती है।




