जोशीमठ/औली: विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और स्कीइंग डेस्टिनेशन औली में राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप के सफल समापन के बाद अब पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रतियोगिता के दौरान और पर्यटकों की भारी आवाजाही के कारण पहाड़ी ढलानों पर भारी मात्रा में जमा हुए कचरे को साफ करने के लिए प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं ने संयुक्त सफाई अभियान चलाया। इस अभियान के तहत औली के बुग्यालों और स्कीइंग ढलानों से लगभग 13 क्विंटल प्लास्टिक और अन्य अकार्बनिक कचरा एकत्र कर उसे सुरक्षित निस्तारण के लिए भेजा गया है।
स्कीइंग ढलानों पर चला ‘क्लीन औली’ अभियान
प्रतियोगिता समाप्त होते ही नगर पालिका जोशीमठ और स्थानीय प्रशासन ने सफाई कर्मियों की विशेष टीमें तैनात की थीं:
- कचरे का अंबार: चैंपियनशिप के दौरान हजारों की संख्या में खिलाड़ी, पर्यटक और दर्शक औली पहुँचे थे। इसके चलते ढलानों और पैदल रास्तों पर पानी की बोतलें, चिप्स के पैकेट, प्लास्टिक रैपर्स और डिस्पोजेबल कप का भारी जमावड़ा हो गया था।
- दुर्गम रास्तों पर सफाई: सफाई कर्मियों ने अत्यधिक ठंड और बर्फबारी के बीच स्कीइंग स्लोप से लेकर गौरसों बुग्याल तक फैले कचरे को बोरियों में भरकर मुख्य सड़क तक पहुँचाया।
- स्वयंसेवकों का साथ: इस अभियान में केवल सरकारी तंत्र ही नहीं, बल्कि स्थानीय होटल व्यवसायियों, स्कीइंग प्रशिक्षकों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी बढ़-चढ़कर श्रमदान किया।
13 क्विंटल कचरा: पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा
हटाए गए कचरे के आंकड़ों ने हिमालयी पारिस्थितिकी (Ecology) की संवेदनशीलता को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है:
- प्लास्टिक का बोलबाला: एकत्र किए गए 13 क्विंटल कचरे में से 70% से अधिक हिस्सा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और पॉलीथीन का था, जो मिट्टी और पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक है।
- वैज्ञानिक निस्तारण: नगर पालिका जोशीमठ के अनुसार, इस कचरे को कॉम्पेक्टर मशीनों के जरिए संकुचित कर रिसाइक्लिंग प्लांट भेजा जाएगा।
- बुग्यालों की सुरक्षा: औली के मखमली घास के मैदान (बुग्याल) पारिस्थितिक रूप से बहुत नाजुक होते हैं। प्लास्टिक कचरा यहां की घास और सूक्ष्म जीवों को नुकसान पहुँचाता है, जिससे भू-क्षरण का खतरा बढ़ जाता है।
पर्यटकों के लिए चेतावनी और भविष्य की योजना
प्रशासन अब भविष्य में होने वाले आयोजनों के लिए सख्त नियम बनाने पर विचार कर रहा है:
- ‘जीरो वेस्ट’ इवेंट का लक्ष्य: अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में औली में होने वाले किसी भी बड़े आयोजन को ‘जीरो वेस्ट’ (शून्य कचरा) मॉडल पर आधारित करने की योजना है।
- जुर्माने का प्रावधान: बुग्यालों में कचरा फैलाने वाले पर्यटकों और व्यावसायिक इकाइयों पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।
- जागरूकता बोर्ड: पर्यटन स्थलों पर कूड़ा न फैलाने के संदेश वाले सूचना पट्ट लगाए जाएंगे और डस्टबिन की संख्या बढ़ाई जाएगी।





