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ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पहली बार पाकिस्तान को भेजा न्योता, 20 नवंबर से दिल्ली में होगा SCO सभ्यतागत संवाद मंच

नई दिल्ली। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री को आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के पहले ‘सभ्यतागत संवाद मंच’ में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। यह कार्यक्रम 20 से 22 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित होगा। 

SCO के सभी 10 सदस्य देशों को न्योता

भारत ने इस मंच में भाग लेने के लिए संगठन के सभी 10 सदस्य देशों को आमंत्रित किया है। इनमें भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना और साझा सभ्यतागत विरासत को सामने लाना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान इस संवाद मंच का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद भारत ने इसकी मेजबानी की तैयारी शुरू की। 

पहलगाम हमले के बाद बिगड़े थे संबंध

भारत और पाकिस्तान के संबंध अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद और तनावपूर्ण हो गए थे। इसके जवाब में भारत ने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया और द्विपक्षीय संपर्क सीमित हो गए।

इससे पहले मई 2023 में पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी SCO विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए गोवा आए थे। अब प्रस्तावित मंच में पाकिस्तान के मंत्री को आमंत्रित किया जाना दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय मंच पर संपर्क का एक नया अवसर माना जा रहा है। 

न्योता द्विपक्षीय संबंधों में बदलाव का संकेत नहीं

अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान को आमंत्रित करना SCO के सदस्य देशों को बुलाने की बहुपक्षीय प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों में किसी बड़े बदलाव के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पाकिस्तान की ओर से अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि उसके मंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं। 

सांस्कृतिक विरासत पर होगा संवाद

नई दिल्ली में होने वाले इस मंच में साझा इतिहास, कला, साहित्य, परंपराओं, सांस्कृतिक कूटनीति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत की मेजबानी में आयोजित यह पहल क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है।

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