पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पड़ोसी देशों और उनकी आवाम अब तक उबर नहीं पाई है। इस बीच पुर्तगाल में भारतीय मिशन ने लिस्बन में पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों को करारा जवाब दिया। उन्होंने एक पोस्टर के जरिए भारत के ऑपरेशन सिंदूर की ताकत और सटीकता का संदेश दिया। इस दौरान भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार अन्य राजनयिकों के साथ मजबूती से खड़े दिखाई दिए। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर- अभी खत्म नहीं हुआ है’ लिखा एक बड़ा पोस्टर अपने पीछे दीवार पर लगाया और पाकिस्तान को आईना दिखाया। वाकया तब का है, जब पाकिस्तानी नागरिकों का एक समूह भारतीय मिशन के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचा था।
घटना रविवार की है। बताया गया कि पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख मुनीर की तस्वीरों के साथ जमकर बवाल मचाया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी की। हालांकि, भारतीय राजनयिकों ने उनके हरकतों का तुरंत जवाब दिया। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को इस तरह से भारतीय मिशन की ओर से दिखाया जाना एक कड़ा संदेश था, जिससे पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों में निराशा फैल गई और वे पीछे हटने को मजबूर हो गए।
ऑपरेशन सिंदूर’ की उपलब्धियों का प्रदर्शन करने का भारतीय राजदूत का निर्णय एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। इससे भारत की सैन्य शक्ति और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की उसकी क्षमता का संदेश गया। पोस्टर ने साफ किया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अब भी जारी है और भारत इसके खात्मे के लिए दृढ़ संकल्पित है। इससे पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश भी दिया गया कि भारत डरने वाला नहीं है।
लिस्बन की घटना ने भारत के प्रभावशाली और बढ़ते कूटनीतिक-रणनीतिक प्रभाव को भी दुनिया के सामने रखा। भारतीय मिशन की साहसिक प्रतिक्रिया ने पाकिस्तान और पूरी दुनिया को एक कड़ा संदेश दिया है। यह अपने हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत के दृढ़ संकल्प को भी दर्शाता है।
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा जिनमें एयर बेस, रडार साइट्स, और कमांड सेंटर शामिल हैं।




