यरूशलेम/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय ऐतिहासिक इजरायल यात्रा एक नई कूटनीतिक सफलता के साथ संपन्न हो गई है। अपनी इस यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भविष्य के भारत-इजरायल संबंधों का खाका पेश किया। दोनों देशों के बीच कुल 27 महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जो रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, अंतरिक्ष अनुसंधान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को एक नई दिशा देंगे। इस दौरे को वैश्विक विशेषज्ञों द्वारा एशिया और मध्य-पूर्व के शक्ति संतुलन में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
27 समझौतों का मुख्य आकर्षण: रक्षा और तकनीक पर जोर
इन समझौतों के माध्यम से भारत और इजरायल ने अपनी ‘स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ को धरातल पर उतारने का फैसला किया है:
- रक्षा निर्माण (Make in India): समझौतों का एक बड़ा हिस्सा रक्षा क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें इजरायल भारत को न केवल उन्नत तकनीक देगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत मिसाइल सिस्टम और यूएवी (UAV) का संयुक्त उत्पादन भी करेगा।
- अंतरिक्ष में सहयोग: भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) और इजरायल की अंतरिक्ष एजेंसी ने परमाणु घड़ी और छोटे उपग्रहों के विकास के लिए तीन बड़े समझौतों पर मुहर लगाई है।
- कृषि और जल प्रबंधन: इजरायल के सहयोग से भारत में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का विस्तार किया जाएगा, जिससे भारतीय किसानों को खारे पानी के शोधन (Desalination) और ड्रिप इरिगेशन की उन्नत तकनीक मिल सकेगी।
आतंकवाद के खिलाफ ‘एकजुट मोर्चा’
बैठक के बाद जारी साझा बयान में दोनों नेताओं ने वैश्विक आतंकवाद को लेकर कड़ा रुख अपनाया:
- खुफिया जानकारी साझा करना: दोनों देश अब आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों और उनके वित्तपोषण (Funding) के खिलाफ अपनी खुफिया जानकारियों को रीयल-टाइम साझा करेंगे।
- बिना किसी भेदभाव की कार्रवाई: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अब कोई भी देश ‘चुनिंदा’ दृष्टिकोण नहीं अपना सकता। उन्होंने सीमा पार आतंकवाद पर इजरायल के समर्थन की सराहना की।
नवाचार के लिए ‘भारत-इजरायल इनोवेशन फंड’
प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 40 मिलियन डॉलर (लगभग 330 करोड़ रुपये) के ‘इनोवेशन फंड’ की घोषणा की है। यह फंड दोनों देशों के युवा उद्यमियों को नई तकनीक विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि तकनीकी क्षेत्र में भारत की निर्भरता अन्य देशों पर कम होगी।
विदाई के समय दिखा ‘दोस्ती का रंग’
यात्रा के समापन पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू खुद पीएम मोदी को विदा करने एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने इस यात्रा को “स्वर्ग में बनी जोड़ी” (A match made in heaven) करार दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के लोगों की मेहमाननवाजी के लिए आभार व्यक्त करते हुए नेतन्याहू को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।





