कोलकाता।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से सत्ता हासिल करने में असमर्थ है, इसलिए वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए मतदाता चुनने की कोशिश कर रही है।
‘भाजपा अलोकतांत्रिक तरीके अपना रही’
कोलकाता में टीएमसी की छात्र शाखा की एक रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, “पहले मतदाता सरकार चुनते थे, लेकिन अब भाजपा अलोकतांत्रिक एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं का चयन कर रही है। यह सीधे तौर पर लोगों के मताधिकार पर हमला है। यदि एक भी वैध मतदाता को वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की गई तो हम चुप नहीं बैठेंगे। विरोध में हम दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगे।”
‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बंगाल नहीं जीत सकती भाजपा’
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को 2026 के विधानसभा चुनाव में खुली चुनौती देते हुए कहा, “भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बंगाल नहीं जीत सकती, इसलिए वे मतदाता सूची में छेड़छाड़ करना चाह रहे हैं। लेकिन मैं पूरे विश्वास से कहता हूं कि 2026 में जनता का जनादेश 2021 से भी बड़ा होगा। न्यायपालिका का एक वर्ग, भाजपा और केंद्रीय एजेंसियां – सभी टीएमसी के खिलाफ खड़ी हैं, लेकिन बंगाल के 10 करोड़ लोग हमारे साथ हैं। अगर भाजपा में ताकत है तो 50 सीटें जीतकर दिखाए।”
‘केंद्र सरकार पर दोहरे मानदंड का आरोप’
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि टीएमसी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘अपराजिता विधेयक’ लेकर आई थी, लेकिन केंद्र जानबूझकर इस विधेयक को दबाए बैठा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षा के मामले में दोहरे मानदंड अपना रही है।
‘नई दिल्ली में होगा विरोध प्रदर्शन’
टीएमसी महासचिव ने साफ चेतावनी दी कि यदि भाजपा ने मतदाता सूची से वैध नामों को हटाया तो उसकी गूंज न केवल बंगाल में बल्कि दिल्ली की सड़कों पर भी सुनाई देगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल टीएमसी की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की है, जो अपने मताधिकार को लोकतंत्र की मूल आत्मा मानता है।





