अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के राष्ट्रीय अधिवेशन में इस वर्ष युवाओं का उत्साह और जोश चरम पर दिखाई दिया। देशभर से आए प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में अधिवेशन का माहौल ऊर्जा और विचारों से भरा हुआ रहा। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष रूप से शिरकत की और संगठन के युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्हें नए उत्साह के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा कि एबीवीपी ने दशकों से छात्र हितों की रक्षा करते हुए शिक्षा जगत में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। उन्होंने युवाओं को तकनीक, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत पर बल दिया। साथ ही उन्होंने संगठन की सक्रियता और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।
अधिवेशन के दौरान देशभर के युवा कार्यकर्ताओं को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। इसी क्रम में गोरखपुर के श्रीकृष्णा पांडेय को ‘युवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। पांडेय को यह सम्मान सामाजिक कार्य, शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी और छात्र हितों की रक्षा के लिए किए गए प्रयासों के मद्देनजर प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए जिम्मेदारियों को और अधिक बढ़ाता है तथा आगे भी वे युवाओं और समाज के कल्याण के लिए काम करने के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे।
अधिवेशन में विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और संगठन की आगामी योजनाओं पर चर्चा की। शिक्षा सुधार, युवाओं में नेतृत्व विकास और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दे इस वर्ष के अधिवेशन के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में एबीवीपी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
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