Tuesday, February 3, 2026

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एपस्टीन फाइल्स: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की बढ़ी मुश्किलें; पत्नी हिलेरी के साथ अदालत में देंगे गवाही, नए खुलासों से मचा हड़कंप

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन: कुख्यात दिवंगत अरबपति जेफरी एपस्टीन के यौन शोषण मामले से जुड़ी फाइलों (Epstein Files) के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस मामले की जांच कर रही संघीय अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और उनकी पत्नी व पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को गवाही के लिए तलब किया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्लिंटन परिवार के लिए अब तक की सबसे बड़ी कानूनी चुनौतियों में से एक है। आरोप है कि बिल क्लिंटन के एपस्टीन के साथ नजदीकी संबंध थे और वे कई बार उसके निजी द्वीप पर भी गए थे, जहाँ नाबालिगों के शोषण के गंभीर आरोप हैं।

क्या है एपस्टीन फाइल्स का पूरा मामला?

जेफरी एपस्टीन पर एक अंतरराष्ट्रीय यौन तस्करी रैकेट चलाने का आरोप था, जिसमें दुनिया के कई प्रभावशाली लोग शामिल थे:

  • गोपनीय दस्तावेजों का खुलासा: अदालत के आदेश पर जारी किए गए हजारों पन्नों के दस्तावेजों में ‘डो’ (Doe) कोडनेम के तहत कई दिग्गजों के नाम शामिल थे। इनमें से ‘डो 36’ के रूप में बिल क्लिंटन की पहचान की गई है।
  • निजी द्वीप की यात्राएं: लॉगबुक और चश्मदीदों के बयानों के अनुसार, बिल क्लिंटन ने एपस्टीन के निजी विमान ‘लोलिता एक्सप्रेस’ में कई बार यात्रा की थी।
  • गवाही की आवश्यकता: अदालत अब यह जानना चाहती है कि क्या क्लिंटन को एपस्टीन की अवैध गतिविधियों की जानकारी थी या उन्होंने इसमें किसी प्रकार की भूमिका निभाई थी।

हिलेरी क्लिंटन को क्यों बुलाया गया?

पूर्व प्रथम महिला हिलेरी क्लिंटन का नाम भी इस विवाद में घसीटा गया है:

  1. साजिश का आरोप: पीड़ितों के वकीलों का तर्क है कि हिलेरी क्लिंटन को अपने पति की इन यात्राओं और एपस्टीन के साथ संबंधों के बारे में जानकारी थी।
  2. फंडिंग और प्रभाव: जांच दल इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि क्या एपस्टीन ने क्लिंटन फाउंडेशन या हिलेरी के राजनीतिक अभियानों में किसी भी तरह का आर्थिक योगदान दिया था ताकि कानूनी सुरक्षा प्राप्त की जा सके।

क्लिंटन परिवार का पक्ष: “आरोप निराधार”

क्लिंटन के प्रवक्ताओं ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है:

  • सफाई: बिल क्लिंटन के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने एक दशक से अधिक समय से एपस्टीन से कोई बात नहीं की है और वे कभी भी एपस्टीन के उस द्वीप (Little St. James) पर नहीं गए जहाँ अपराध होते थे।
  • सहयोग का दावा: उनके कानूनी दल ने कहा है कि वे अदालत की प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए पूरा सहयोग करेंगे।

वैश्विक राजनीति पर असर

इस मामले ने न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि इसमें ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस एंड्रयू और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स जैसे नाम भी पहले ही उछल चुके हैं।

  • राष्ट्रपति चुनाव पर साया: अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच इन फाइलों का बाहर आना डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
  • नैतिकता का सवाल: यह मामला शक्ति, पैसे और रसूख के दुरुपयोग के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

“यह केवल गवाही नहीं है, बल्कि यह जवाबदेही की प्रक्रिया है। जब सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग ऐसे विवादों में फंसते हैं, तो पूरे सिस्टम की साख दांव पर होती है। अदालत इस मामले की तह तक जाने के लिए प्रतिबद्ध है।” — अमेरिकी कानूनी विशेषज्ञ

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