नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग हुए सांसदों के समूह में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। एनडीए की संसदीय बैठक ‘मंगल मिलन’ में जहां अधिकांश बागी सांसद शामिल हुए, वहीं तीन सांसदों ने बैठक से दूरी बनाए रखी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा आयोजित दोपहर भोज में हिस्सा लिया।
जानकारी के अनुसार, टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों में से 17 सांसद एनडीए की बैठक में पहुंचे, जबकि खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान और यूसुफ पठान इसमें शामिल नहीं हुए। तीनों सांसदों की गैरमौजूदगी ने उनके राजनीतिक रुख को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
अबू ताहेर खान ने स्पष्ट किया कि उनका एनडीए या भाजपा में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे एनडीए की बैठक में इसलिए नहीं गए, लेकिन शुभेंदु अधिकारी की ओर से बुलाई गई बैठक और भोज में अपने संसदीय क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए शामिल हुए। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी ऐसे कदम का समर्थन नहीं करेंगे जो मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ हो।
तीनों सांसदों की अनुपस्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि टीएमसी से अलग हुए सांसदों के नए समूह को लोकसभा में आधिकारिक मान्यता मिलने का मामला अभी लंबित है। ऐसे में समूह के भीतर किसी भी तरह की असहमति उसके राजनीतिक भविष्य पर असर डाल सकती है।
उधर, एनडीए के ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों के सांसद मौजूद रहे। वहीं, समूह के अन्य नेताओं ने दावा किया कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और किसी प्रकार के मतभेद नहीं हैं।





