नई दिल्ली। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के सरगना और खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सख्त कार्रवाई की है। एनआईए ने पन्नू और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
एजेंसी के मुताबिक, यह केस 19 अगस्त को दर्ज किया गया था। इसमें आरोप है कि पन्नू ने 10 अगस्त 2025 को पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उसने वॉशिंगटन से वीडियो लिंक के जरिए पत्रकारों को संबोधित किया। अपने भाषण में पन्नू ने भारत की संप्रभुता को चुनौती दी, पंजाब को अलग देश घोषित करने की बात कही और खालिस्तान की मांग का प्रचार किया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पन्नू ने 15 अगस्त को लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकने वाले सिख सैनिकों को 11 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की। यही नहीं, उसने अपने भाषण के दौरान ‘दिल्ली बनेगा पाकिस्तान’ नाम से एक नक्शा भी जारी किया, जिसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली को खालिस्तान का हिस्सा दिखाया गया।
पन्नू की पृष्ठभूमि
गुरपतवंत सिंह पन्नू का जन्म पंजाब के खानकोट गांव में हुआ था। गांववाले बताते हैं कि उसकी मां अक्सर गांव आती थीं और ठेके पर दी गई जमीन का किराया लेने के साथ यह गर्व भी जताती थीं कि उनका बेटा कनाडा में बड़ा वकील बन चुका है और ऊंचे पदाधिकारियों से उसकी जान-पहचान है। ग्रामीणों के अनुसार, पन्नू की मां चाहती थीं कि बेटा देश और समाज में नाम कमाए, लेकिन उसने न सिर्फ अपनी मां की उम्मीदों को तोड़ा बल्कि भारत की अखंडता को भी चोट पहुंचाई।
खानकोट गांव अमृतसर-जंडियाला गुरु जीटी रोड पर स्थित है और अपर दोआबा नहर के किनारे बसा हुआ है। शांत वातावरण वाला यह इलाका आतंकवाद के दौर में भी कई बार घटनाओं का गवाह बना। लेकिन जब गांववालों को पता चला कि उनकी ही धरती से निकला गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत को तोड़ने की साजिश रच रहा है, तो वे स्तब्ध रह गए।
एनआईए का मानना है कि पन्नू और उसका संगठन विदेशों से खालिस्तानी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं और भारत की एकता के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। अब एजेंसी उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की तैयारी में है।
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