ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अपना अभियान तेज कर दिया है। शनिवार को प्राधिकरण की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ऋषिकेश क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बहुमंजिला अवैध भवन को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया। इसके अतिरिक्त, मानक के विपरीत और बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बनाए जा रहे तीन अन्य व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया गया है। प्राधिकरण की इस अचानक कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई: मानकों की अनदेखी पड़ी भारी
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, जिस भवन को गिराया गया है, उसके निर्माण में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थीं:
- बिना नक्शा निर्माण: एमडीडीए की जांच में पाया गया कि भवन स्वामी ने बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के बहुमंजिला इमारत खड़ी कर ली थी।
- नोटिस की अनदेखी: विभाग द्वारा निर्माण कार्य रोकने और स्पष्टीकरण देने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्माणकर्ता ने काम जारी रखा।
- बुलडोजर एक्शन: शनिवार सुबह एमडीडीए की टीम जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के साथ मौके पर पहुँची और कुछ ही घंटों में अवैध ढांचे को मलबे में तब्दील कर दिया।
तीन इमारतें सील: व्यावसायिक स्थलों पर नकेल
ध्वस्तीकरण के अलावा, एमडीडीए की टीम ने विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निम्नलिखित कार्रवाई की:
- व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स पर कार्रवाई: ऋषिकेश के घने रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति के बनाए जा रहे तीन बड़े व्यावसायिक भवनों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
- प्रवेश प्रतिबंधित: इन इमारतों के प्रवेश द्वारों पर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं और पुलिस को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं ताकि सील तोड़कर दोबारा काम शुरू न किया जा सके।
- शमन (Compounding) की शर्तों का उल्लंघन: अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में स्वीकृत नक्शे से कहीं अधिक क्षेत्र में निर्माण कर लिया गया था।
अधिकारियों की चेतावनी: जारी रहेगा अभियान
एमडीडीए के सचिव और क्षेत्रीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऋषिकेश की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा को देखते हुए अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:
- साप्ताहिक निगरानी: अब हर सप्ताह अवैध निर्माणों की पहचान कर उन पर ‘एक्शन’ लिया जाएगा।
- जनता से अपील: प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराएं, अन्यथा आर्थिक नुकसान और कानूनी कार्रवाई के वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
सुरक्षा के कड़े प्रबंध
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और पीएसी के जवान मौके पर तैनात रहे। हालांकि, प्रशासन की सख्ती को देखते हुए किसी ने भी कार्रवाई में बाधा डालने की हिम्मत नहीं की।





