ऋषिकेश: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज देवभूमि उत्तराखंड के प्रवास पर ऋषिकेश पहुँचे। यहाँ उन्होंने विश्व प्रसिद्ध धार्मिक संस्थान गीता प्रेस, गोरखपुर की प्रतिष्ठित मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। अमित शाह ने अपने संबोधन में ‘कल्याण’ पत्रिका और गीता प्रेस के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान ने पिछले एक दशक से भारतीय संस्कृति, नैतिकता और सनातन धर्म के संदेश को घर-घर पहुँचाने में भगीरथ प्रयास किया है। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन और अन्य आध्यात्मिक केंद्रों के सानिध्य में हुए इस कार्यक्रम में देशभर से आए संत-महात्मा और विद्वान उपस्थित रहे।
समारोह के मुख्य आकर्षण: ‘कल्याण’ का गौरवशाली सफर
समारोह के दौरान पत्रिका के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला गया:
- शताब्दी वर्ष का उल्लास: 1926 में शुरू हुई ‘कल्याण’ पत्रिका ने अपने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर एक विशेष स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
- संस्कृति का संवाहक: गृह मंत्री ने कहा कि गीता प्रेस केवल एक प्रकाशन संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कारों की पाठशाला है, जिसने बेहद कम कीमत पर धार्मिक साहित्य उपलब्ध कराकर समाज का मार्गदर्शन किया है।
- अमित शाह का संबोधन: उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जहाँ एक ओर आधुनिक विकास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी मजबूत कर रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने व्यक्त किया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह मंत्री का स्वागत करते हुए देवभूमि के विकास में केंद्र के सहयोग को रेखांकित किया:
- आध्यात्मिक राजधानी: सीएम धामी ने कहा कि ऋषिकेश अध्यात्म और योग की वैश्विक राजधानी है और यहाँ ‘कल्याण’ का शताब्दी समारोह होना गौरव की बात है।
- सनातन का गौरव: उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड के पौराणिक मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुद्धार (जैसे केदारनाथ और बद्रीनाथ मास्टर प्लान) के लिए प्रतिबद्ध है।
- संगठनात्मक ऊर्जा: इस दौरे से राज्य के कार्यकर्ताओं में भी भारी उत्साह देखा गया, क्योंकि गृह मंत्री ने प्रशासनिक कार्यक्रमों के साथ-साथ राज्य की प्रगति का फीडबैक भी लिया।
सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम और ‘जीरो जोन’
वीवीआईपी दौरे को देखते हुए ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही:
- ड्रोन और सीसीटीवी: पूरे ऋषिकेश क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहे।
- रूट डायवर्जन: गृह मंत्री के काफिले के गुजरने के दौरान ऋषिकेश-देहरादून मार्ग और कार्यक्रम स्थल के आसपास ‘जीरो जोन’ घोषित किया गया था, जिससे यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा गया।
- प्रशासनिक सतर्कता: गढ़वाल कमिश्नर और डीआईजी स्तर के अधिकारियों ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली
निष्कर्ष: कूटनीति और अध्यात्म का संदेश
अमित शाह का यह दौरा न केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित रहा, बल्कि इसने उत्तराखंड के प्रति केंद्र सरकार की गंभीरता और ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ के एजेंडे को भी मजबूती दी। शताब्दी वर्ष समारोह के माध्यम से गीता प्रेस के योगदान को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर सराहा गया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होगा।





