Monday, February 23, 2026

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ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर कुदरत का कहर: तोताघाटी में ट्रक पर गिरा विशाल बोल्डर; मलबे में दबने से चालक की मौके पर ही मौत

टिहरी/देवप्रयाग: ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर स्थित सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक ‘तोताघाटी’ में सोमवार को एक भीषण हादसा हो गया। पहाड़ी से गिरे एक विशालकाय बोल्डर (चट्टान का टुकड़ा) की चपेट में आने से एक ट्रक पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस दुर्घटना में ट्रक चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों तक बाधित रहा।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब ट्रक ऋषिकेश से श्रीनगर की ओर सामान लेकर जा रहा था:

  • अचानक गिरी चट्टान: तोताघाटी के पास पहुँचते ही पहाड़ी का एक हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा। एक भारी-भरकम बोल्डर सीधे ट्रक के केबिन पर गिरा, जिससे केबिन पूरी तरह पिचक गया।
  • चालक को नहीं मिला मौका: बोल्डर इतना विशाल था कि चालक को वाहन से बाहर निकलने या बचने का कोई अवसर नहीं मिल सका। मलबे और लोहे के बीच दबने के कारण उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

बचाव कार्य और पुलिस की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही देवप्रयाग थाने की पुलिस और एसडीआरएफ ($SDRF$) की टीम तत्काल मौके पर पहुँची:

  1. शव को निकालने की चुनौती: बोल्डर और ट्रक के मलबे में फंसे शव को निकालने के लिए पुलिस को गैस कटर और भारी मशीनों की मदद लेनी पड़ी। घंटों की मशक्कत के बाद चालक के शव को बाहर निकाला जा सका।
  2. शिनाख्त: मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने वाहन के नंबर के आधार पर मालिक और परिजनों से संपर्क साधने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
  3. मार्ग बहाली: सड़क पर गिरे भारी मलबे को हटाने के लिए जेसीबी ($JCB$) मशीनों को काम पर लगाया गया है, ताकि फंसे हुए यात्रियों और वाहनों को निकाला जा सके।

तोताघाटी: सफर का ‘डेंजर जोन’

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी का क्षेत्र अपनी खड़ी पहाड़ियों और भूस्खलन के प्रति अति-संवेदनशीलता के लिए जाना जाता है:

  • ऑल वेदर रोड का निर्माण: हालांकि ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत यहाँ पहाड़ियों का उपचार किया गया है, लेकिन बारिश या हल्की हलचल के बाद भी यहाँ अक्सर चट्टानें गिरने की घटनाएं होती रहती हैं।
  • यात्रियों में डर: इस हादसे के बाद मार्ग से गुजरने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे डेंजर जोन में सुरक्षा जाल (Safety Nets) या रॉक फॉल बैरियर को और मजबूत किया जाए।

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