मुंबई। महाराष्ट्र में सियासत गर्मा गई है। शिवसेना प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकार और उनके नेता देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला किया है। ठाकरे ने फडणवीस को कमजोर और अलोकप्रिय नेता करार देते हुए कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि जनता का भरोसा सरकार पर अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार छोड़ने के बाद भाजपा ने सत्ता संभाली, लेकिन जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने में विफल रही। ठाकरे ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में भाजपा नेताओं का सीधे-सीधे हाथ है और जनता अब इसे देख रही है।
उन्होंने कहा, “फडणवीस नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने केवल नीतियों की बातें की, लेकिन भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। राज्य की जनता अब जाग चुकी है और इसका परिणाम आने वाले चुनावों में दिखेगा।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ठाकरे का यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों के पूर्व भाजपा को चुनौती देने और अपनी सियासी ताकत दिखाने का प्रयास है। इसके अलावा, उन्होंने मीडिया और जनता को यह संदेश भी दिया कि शिवसेना भ्रष्टाचार के खिलाफ सजग और ईमानदार राजनीति करती रही है।
भाजपा की प्रतिक्रिया में फडणवीस ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि MVA सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के मामलों पर जवाबदेही भाजपा पर थोपना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने विकास कार्यों को गति दी और भ्रष्टाचार को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए।
विशेषज्ञों का कहना है कि उद्धव ठाकरे का बयान राज्य में सियासी हलचल को बढ़ाने और विपक्षी खेमे में माहौल गर्म करने की रणनीति का हिस्सा है। इसके अलावा, यह भाजपा के अंदरूनी गतिरोध और नेतृत्व पर प्रश्न उठाने का भी संकेत हो सकता है।





