मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के भीतर जारी खींचतान के बीच बागी सांसद संजय दीना पाटिल के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनके आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर धमकी देने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
जानकारी के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ता हाल ही में दल बदलने वाले सांसदों के विरोध में पाटिल के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आरोप है कि पाटिल ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए आपत्तिजनक और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने इसकी कड़ी आलोचना की है। उद्धव गुट के नेताओं ने आरोप लगाया कि एक जनप्रतिनिधि की ओर से इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने मामले में पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग भी की है।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब पाटिल का मीडिया के साथ भी तीखा संवाद सामने आया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनके व्यवहार को लेकर भी सवाल उठे, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
उधर, शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से मामले को लेकर सफाई दी गई है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि पूरे घटनाक्रम को व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए और किसी भी विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाने से बचना चाहिए। हालांकि, विपक्ष इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है और कड़ी कार्रवाई की मांग पर कायम है।
महाराष्ट्र में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और दल-बदल के बाद दोनों शिवसेना गुटों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा विवाद ने एक बार फिर राज्य की सियासत को गरमा दिया है, जबकि पूरे मामले पर सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।





