नई दिल्ली: फरवरी के उत्तरार्ध में जहां लोगों ने गर्मी की आहट महसूस करना शुरू कर दिया था, वहीं मौसम के अचानक करवट लेने से पूरे उत्तर भारत में ठंड का दौर फिर लौट आया है। दिल्ली-एनसीआर में बीते 24 घंटों से चल रही ठंडी हवाओं और हल्की बूंदाबांदी ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है। वहीं, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बेमौसम ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित किया है। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई ताज़ा बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ा दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए कई राज्यों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
दिल्ली-NCR: धूल भरी हवाएं और बूंदाबांदी
राजधानी और आसपास के शहरों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है:
- तापमान में गिरावट: अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है, जिससे सुबह और शाम की ठिठुरन बढ़ गई है।
- बादलों का डेरा: आसमान में घने बादलों के कारण धूप का असर कम रहा, जिससे दिन भर सर्द हवाएं चलती रहीं।
राजस्थान और मध्य प्रदेश: ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण रेगिस्तानी राज्य और मध्य भारत में कुदरत का अलग रूप देखने को मिला:
- सफेद चादर: राजस्थान के बीकानेर, हनुमानगढ़ और मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में भीषण ओलावृष्टि हुई, जिससे सड़कें और खेत सफेद नजर आने लगे।
- किसानों की चिंता: बेमौसम बारिश और ओलों ने सरसों, गेहूं और चने की तैयार फसलों को काफी नुकसान पहुँचाया है। प्रशासन नुकसान के आकलन के लिए गिरदावरी के निर्देश दे सकता है।
उत्तराखंड: चारधाम और चोटियों पर हिमपात
देवभूमि के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिससे पूरा प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है:
- जोशीमठ और बद्रीनाथ: बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की चोटियों पर भारी बर्फबारी हुई है। जोशीमठ के ऊपरी इलाकों में भी बर्फ की पतली परत जम गई है।
- पयर्टकों की मौज, स्थानीय की चुनौती: बर्फबारी देखने के लिए सैलानी मसूरी और धनोल्टी का रुख कर रहे हैं, लेकिन भारी बर्फ के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।





