नई दिल्ली: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत उत्तर भारत के सात राज्यों में बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण अगले 24 से 48 घंटों के भीतर इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ चलने वाली बर्फीली हवाएं न्यूनतम तापमान में और गिरावट लाएंगी, जिससे ठिठुरन एक बार फिर बढ़ सकती है।
इन राज्यों में दिखेगा असर: कहाँ-कहाँ है अलर्ट?
मौसम विभाग ने उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के एक बड़े हिस्से के लिए पूर्वानुमान जारी किया है:
- दिल्ली-एनसीआर: राजधानी और आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
- उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और मध्य यूपी के कई जिलों में मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है।
- पंजाब और हरियाणा: इन राज्यों में बारिश के कारण शीत लहर का प्रकोप बढ़ने के आसार हैं।
- पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का अलर्ट है।
बदलाव का कारण: सक्रिय हुआ नया ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण हिमालयी क्षेत्रों में पहुँचने वाला एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ है:
- चक्रवाती हवाओं का घेरा: राजस्थान और आसपास के हिस्सों में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने से नमी वाली हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं।
- तापमान में उतार-चढ़ाव: बारिश के बाद आसमान साफ होने पर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
- कोहरे का कहर: बारिश के तुरंत बाद सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) कम हो सकती है और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों और आम जनता के लिए सलाह
मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने इस बदलते मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा है:
- किसानों को मशवरा: जिन इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है, वहां किसानों को अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने और सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है।
- यातायात और स्वास्थ्य: यात्रियों को कोहरे के दौरान सावधानी से वाहन चलाने और बच्चों व बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है।





