Monday, February 9, 2026

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उत्तराखंड: स्कूल की लैब में प्रैक्टिकल के दौरान बड़ा हादसा; केमिकल की बोतल गिरने से निकली जहरीली गैस, शिक्षिका समेत आठ छात्राएं हुईं बेहोश

देहरादून/हल्द्वानी: उत्तराखंड के एक सरकारी स्कूल की विज्ञान प्रयोगशाला (साइंस लैब) में प्रैक्टिकल के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया। लैब में प्रयोग के दौरान अचानक एक केमिकल से भरी बोतल फर्श पर गिरकर टूट गई, जिससे निकली जहरीली गैस की चपेट में आने से एक शिक्षिका और आठ छात्राएं बेहोश हो गईं। घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सभी प्रभावितों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लैब को सील कर दिया है और घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

कैसे हुआ हादसा?

यह घटना उस समय हुई जब कक्षा 10 और 12 की छात्राएं अपनी विज्ञान शिक्षिका के मार्गदर्शन में केमिस्ट्री का प्रैक्टिकल कर रही थीं:

  • अचानक असंतुलन: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रैक्टिकल टेबल पर रखा एक सांद्र रसायन (Concentrated Chemical) का जार हाथ लगने से नीचे गिर गया।
  • गैस का रिसाव: बोतल टूटते ही उसमें से तीखी गंध वाली धुएं जैसी गैस निकलने लगी। लैब बंद होने के कारण गैस तेजी से पूरे कमरे में फैल गई।
  • बेहोशी और घबराहट: गैस के संपर्क में आते ही छात्राओं को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। देखते ही देखते आठ छात्राएं और उन्हें बचाने की कोशिश कर रही शिक्षिका बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी, सभी की हालत स्थिर

हादसे की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने एम्बुलेंस बुलाई और स्थानीय पुलिस को सूचित किया:

  1. प्राथमिक उपचार: बेहोश हुई छात्राओं को तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। डॉक्टरों के अनुसार, जहरीली गैस के फेफड़ों में जाने के कारण छात्राओं का ऑक्सीजन लेवल गिर गया था।
  2. चिकित्सकों का बयान: अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि सभी घायलों का उपचार चल रहा है और अब वे खतरे से बाहर हैं। कुछ छात्राओं को निगरानी के लिए आईसीयू (ICU) में रखा गया है।
  3. अभिभावकों का हंगामा: घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में डरे हुए अभिभावक अस्पताल और स्कूल पहुंच गए, जिन्होंने स्कूल प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस हादसे ने प्रदेश के स्कूलों में लैब सुरक्षा की पोल खोल दी है। जांच में शुरुआती तौर पर कुछ खामियां सामने आई हैं:

  • वेंटिलेशन की कमी: बताया जा रहा है कि लैब में खिड़कियां बंद थीं और एग्जॉस्ट फैन काम नहीं कर रहा था, जिससे गैस बाहर नहीं निकल पाई।
  • इमरजेंसी किट का अभाव: लैब में सुरक्षा चश्मे, मास्क और फर्स्ट-एड किट की कमी पाई गई है।
  • प्रोटोकॉल का उल्लंघन: रसायनों के रखरखाव में बरती गई लापरवाही को लेकर शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य से जवाब तलब किया है।

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