देहरादून/हल्द्वानी: उत्तराखंड खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राज्य के लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जहाँ जनवरी का राशन न मिल पाने से परेशान लोगों को राहत मिली है, वहीं केवाईसी न कराने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
1. अच्छी खबर: दो महीने का राशन एक साथ मिलेगा, वितरण की तिथि बढ़ी
पहली खबर उन कार्ड धारकों के लिए सुखद है जो पिछले कुछ समय से चावल की आपूर्ति न होने से परेशान थे।
- दो माह का राशन साथ: सरकारी गोदामों में जनवरी माह का चावल पहुंचना शुरू हो गया है। अब उपभोक्ता दिसंबर और जनवरी, दोनों महीनों का बकाया चावल एक साथ ले सकेंगे।
- समय सीमा में विस्तार: खाद्यान्न वितरण में हुई देरी को देखते हुए विभाग ने अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब दिसंबर का राशन 15 फरवरी तक और जनवरी का राशन 28 फरवरी तक लिया जा सकेगा।
- तकनीकी समाधान: ई-पॉस मशीनों में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने विक्रेताओं को अतिरिक्त समय दिया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे।
2. बुरी खबर: ई-केवाईसी न होने पर 1 फरवरी से राशन बंद और कार्ड निरस्त
दूसरी खबर एक चेतावनी के रूप में है, जो लापरवाही बरतने वाले कार्ड धारकों के लिए भारी पड़ सकती है।
- राशन पर रोक: विभाग के नए नियमों के अनुसार, जिन लाभार्थियों ने अब तक अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें 1 फरवरी से राशन मिलना बंद हो गया है।
- कार्ड होगा निरस्त: राज्य में लगभग 10 लाख ऐसे यूनिट (नाम) चिह्नित किए गए हैं जिनकी केवाईसी नहीं हुई है। यदि जल्द प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो इन कार्डों को ‘अपात्र’ मानकर स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा।
- आयुष्मान योजना पर असर: राशन कार्ड उत्तराखंड में आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए मुख्य दस्तावेज है। अगर राशन कार्ड निरस्त होता है, तो संबंधित परिवार मुफ्त इलाज (आयुष्मान योजना) की सुविधा से भी बाहर हो जाएगा।
क्या करें कार्ड धारक?
- तुरंत कराएं केवाईसी: यदि आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो अपने नजदीकी सस्ता गल्ला विक्रेता (Ration Dealer) के पास जाकर अपनी उंगलियों के निशान (Biometrics) अपडेट करवाएं।
- मोबाइल ओटीपी: आधार से लिंक मोबाइल नंबर के जरिए भी प्रमाणीकरण की सुविधा का लाभ उठाएं।
विशेष नोट: सरकार का उद्देश्य फर्जी राशन कार्डों को खत्म करना और केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना है। अब तक राज्य में हजारों अपात्र कार्ड धारकों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं।





