Thursday, February 26, 2026

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उत्तराखंड में स्वरोजगार का नया सवेरा: ‘दुकान अधिनियम’ में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी; अब युवाओं के लिए व्यापार करना हुआ आसान

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन (रोजगार और सेवा की शर्तें) अधिनियम’ में बड़े संशोधनों को मंजूरी दे दी गई है। इन बदलावों के बाद अब प्रदेश में छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय शुरू करना काफी सरल हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल स्थानीय युवाओं की ‘लॉटरी’ लग गई है, बल्कि इससे प्रदेश की ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

संशोधन के मुख्य बिंदु: क्या बदला और किसे मिलेगा लाभ?

सरकार द्वारा किए गए इन संशोधनों का सीधा उद्देश्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को जमीनी स्तर पर उतारना है:

  • पंजीकरण प्रक्रिया में ढील: अब छोटी दुकानों और सूक्ष्म उद्योगों के लिए जटिल पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल बना दिया गया है।
  • नवीनीकरण (Renewal) की छुट्टी: अब व्यापारियों को बार-बार लाइसेंस रिन्यू कराने के चक्कर में सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। कई श्रेणियों में ‘वन-टाइम रजिस्ट्रेशन’ की सुविधा शुरू की गई है।
  • समय की पाबंदी में लचीलापन: पर्यटन क्षेत्रों और मुख्य बाजारों में दुकानों के खुलने और बंद होने के समय में भी ढील दी गई है, जिससे विशेषकर पर्यटन सीजन के दौरान युवाओं की आय में इजाफा होगा।

युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष अवसर

सरकार का मुख्य फोकस उन युवाओं पर है जो बाहरी राज्यों से लौटकर अपने गांव या शहर में काम शुरू करना चाहते हैं:

  1. होमस्टे और छोटे कैफे: पहाड़ी क्षेत्रों में होमस्टे और छोटे कैफे चलाने वाले युवाओं को अब ‘इंस्पेक्टर राज’ से मुक्ति मिलेगी, जिससे वे बिना किसी प्रशासनिक डर के अपना काम बढ़ा सकेंगे।
  2. डिजिटल पंजीकरण: अधिनियम में संशोधन के बाद अब पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
  3. रोजगार के नए सृजन: सरकार को उम्मीद है कि इन रियायतों के बाद अगले एक साल में प्रदेश में हजारों नई दुकानें और स्टार्टअप्स खुलेंगे, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री का बयान: “युवाओं को बनाएंगे आत्मनिर्भर”

कैबिनेट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाना है और स्वरोजगार ही इसका सबसे सशक्त माध्यम है।

“हमने पुराने और जटिल कानूनों को हटाकर व्यापार को सरल बनाने का निर्णय लिया है। हमारा युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनेगा। दुकान अधिनियम में यह संशोधन स्वरोजगार के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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