देहरादून। उत्तराखंड में सौर ऊर्जा (Solar Energy) परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की दरों में किसी प्रकार की कमी नहीं की जाएगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा टैरिफ संरचना को फिलहाल यथावत रखा जाएगा।
आयोग के इस निर्णय के बाद सोलर पावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े निवेशकों और उत्पादकों को राहत मिली है, क्योंकि बिजली दरों में कमी की संभावना को लेकर पहले असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और निजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। आयोग का मानना है कि यदि दरों में कटौती की जाती है तो इससे नए सोलर प्रोजेक्ट्स की आर्थिक व्यवहार्यता प्रभावित हो सकती है।
उत्तराखंड सरकार पहले से ही हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है। ऐसे में यह निर्णय राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोलर पावर सेक्टर में स्थिर टैरिफ नीति से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और भविष्य में राज्य में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की गति बढ़ेगी।
हालांकि, कुछ उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि समय-समय पर दरों की समीक्षा जरूरी है ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
कुल मिलाकर, आयोग के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तराखंड में फिलहाल सोलर बिजली दरों में कोई कटौती नहीं होगी और नीति स्थिरता बनाए रखी जाएगी।





