देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य को वैश्विक साहसिक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने के लिए एक व्यापक रोडमैप पर काम कर रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई ‘ईको टूरिज्म उच्चाधिकार प्राप्त समिति’ की बैठक में निर्णय लिया गया है कि राज्य में ट्रेकिंग और माउंटेनियरिंग (पर्वतारोहण) की गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए एक एकीकृत नीति (Integrated Policy) तैयार की जाएगी। इस नीति के फाइनल ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए 15 जनवरी, 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है।
नई चोटियां खुलेंगी, ‘जबरखेत मॉडल’ का होगा विस्तार
राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार कई नई पर्वत चोटियों को ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के लिए खोलने की योजना बना रही है। इसके लिए पर्यावरण ऑडिट और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जल्द जारी की जाएगी। साथ ही, मसूरी के प्रसिद्ध ‘जबरखेत मॉडल’ (निजी-सामुदायिक संरक्षण मॉडल) की तर्ज पर प्रदेश के 10 अन्य स्थलों को विकसित किया जाएगा। सभी संभागीय वनाधिकारियों (DFOs) को एक माह के भीतर इसकी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
ईको-टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (ETDB) को मिली मजबूती
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि ईको-टूरिज्म गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए ईको-टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को और अधिक सशक्त बनाया जाए।
- बजट और मैनपावर: बोर्ड के लिए एक नया बजट हेड खोला जाएगा और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- सीधा अनुदान: पर्यटन विभाग की तर्ज पर अब ईको-टूरिज्म बोर्ड को भी सीधे अनुदान (Grant) मिल सकेगा, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार और प्रशिक्षण
नई नीति में स्थानीय निवासियों के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- सर्टिफिकेशन कोर्स: स्थानीय युवाओं को गाइड और इंस्ट्रक्टर के रूप में तैयार करने के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू किए जाएंगे।
- जिम्मेदारी: इस प्रशिक्षण की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की होगी, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा।
चौरासी कुटिया का कायाकल्प और निगरानी
ऋषिकेश स्थित ऐतिहासिक चौरासी कुटिया के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाने के लिए कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ईको-टूरिज्म परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए अब हर महीने हाईपावर समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी और पीसीसीएफ रंजन कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





