देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच भारी बारिश और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य के सात जिलों में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। आपदा प्रबंधन तंत्र, पुलिस और राहत-बचाव एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
बारिश के अलर्ट को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए अवकाश घोषित किया है। इससे पहले भी भारी बारिश की चेतावनी के चलते चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में स्कूल बंद किए गए थे।
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहने, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने और सड़क मार्गों की स्थिति की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में चारधाम यात्रा मार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों और पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।





