देहरादून: उत्तराखंड में नए साल के जश्न के दौरान सड़कों पर हुड़दंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस और परिवहन विभाग ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। विशेष अभियान के तहत पकड़े गए 101 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए या लंबी अवधि के लिए निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
तीन दिनों तक चला सघन चेकिंग अभियान नए साल के आगमन पर कानून व्यवस्था और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर में 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक तीन दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान पुलिस ने विभिन्न पर्यटन स्थलों, मुख्य चौराहों और अंतर्राज्यीय मार्गों पर बैरियर लगाकर ‘ब्रीथ एनालाइजर’ के माध्यम से चालकों की जांच की। इस अभियान में कुल 101 लोग शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाए गए।
परिवहन विभाग का सख्त रुख पुलिस महानिदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए सभी 101 चालकों की सूची संबंधित संभागीय परिवहन कार्यालयों (RTO) को भेज दी गई है। नियमों के मुताबिक, शराब पीकर वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है जो न केवल चालक बल्कि अन्य राहगीरों की जान को भी खतरे में डालता है। इसी के चलते विभाग ने इन सभी के लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य के लिए एक कड़ा संदेश दिया जा सके।
पर्यटन स्थलों पर रही पैनी नजर अभियान के दौरान सबसे ज्यादा कार्रवाई देहरादून, मसूरी, नैनीताल और ऋषिकेश जैसे क्षेत्रों में हुई, जहाँ नए साल का जश्न मनाने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे। पुलिस ने न केवल चालान काटे, बल्कि कई वाहनों को मौके पर ही सीज भी कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि “जीरो टॉलरेंस” की यह नीति आगे भी जारी रहेगी ताकि उत्तराखंड की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।
“सड़क सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई दूसरों के लिए एक चेतावनी साबित होगी।” — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, यातायात इकाई





