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उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को मिली गति: धामी सरकार ने जारी किए 54 करोड़ रुपये; चंपावत, पिथौरागढ़, देहरादून सहित कई जिलों में बुनियादी ढांचा होगा मजबूत

देहरादून (24 मार्च, 2026):उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। सोमवार (23 मार्च) को मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के तहत कुल 54 करोड़ रुपये की राशि जारी करने को मंजूरी दी। यह राशि प्रदेश भर में आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत, बाढ़ सुरक्षा, स्कूलों के पुनर्निर्माण, और सिंचाई कार्यों पर खर्च की जाएगी। धामी सरकार का यह कदम उत्तराखंड के पर्वतीय और सीमांत जिलों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है। पूरी दुनिया की नजरें अब उत्तराखंड से आने वाली खबरों पर टिकी हैं, क्योंकि यह राशि राज्य के विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।

प्रमुख आवंटन: चंपावत में शारदा नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रबंधन के तहत चंपावत जिले में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता दी है:

  • चंपावत: चंपावत में शारदा नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा के लिए स्वीकृत 32.93 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना में से पहली किश्त के रूप में 13.17 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस राशि से नदी के तटबंधों को मजबूत किया जाएगा और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
  • सड़क सुरक्षा: चंपावत जिले में सड़क सुरक्षा कार्यों के लिए भी 10 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

पिथौरागढ़: सीमांत जिलों में सुरक्षा और विकास

पिथौरागढ़ जिले में भी आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कार्यों को मंजूरी दी गई है:

  1. सुरक्षा दीवार: पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न गांवों में बाढ़ और भूस्खलन से सुरक्षा के लिए ** सुरक्षा दीवार (Retaining Walls)** के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
  2. प्रवेश द्वार: जिले के सीमांत गांवों में प्रवेश द्वार (Entry Gates) के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
  3. सड़क निर्माण: मुनस्यारी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही सुगम होगी।

देहरादून, बागेश्वर, और उत्तरकाशी: आपदा राहत मद में 34 करोड़ रुपये

देहरादून, बागेश्वर, और उत्तरकाशी जिलों को मिलाकर आपदा राहत मद में कुल 34 करोड़ रुपये दिए गए हैं:

  • सड़क और बाढ़ सुरक्षा: इन जिलों में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
  • स्कूल और सिंचाई: आपदा से क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों के पुनर्निर्माण और सिंचाई कार्यों के लिए 19 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

कुल मिलाकर, धामी सरकार द्वारा जारी की गई 54 करोड़ रुपये की राशि उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। इस राशि से राज्य के पर्वतीय और सीमांत जिलों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित किया जा सकेगा और आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जा सकेगी। पूरी दुनिया की नजरें अब उत्तराखंड से आने वाली खबरों पर टिकी हैं, क्योंकि यह राशि राज्य के विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।

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