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उत्तराखंड: मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने नैनीताल में विकास कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण; गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर

नैनीताल (17 मार्च, 2026): उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन (IAS) ने मंगलवार को सरोवर नगरी नैनीताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का गहन निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना अनिवार्य है।

प्रमुख विकास परियोजनाओं का ऑन-स्पॉट निरीक्षण

मुख्य सचिव ने शहर के मुख्य पर्यटन केंद्रों और निर्माणाधीन स्थलों का दौरा कर प्रगति का जायजा लिया:

  • बलियानाला भूस्खलन उपचार: मुख्य सचिव ने संवेदनशील बलियानाला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि आगामी मानसून से पहले सुरक्षा दीवार और ड्रेनेज का कार्य पूरा हो सके।
  • पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट: शहर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निर्माणाधीन बहुमंजिला पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए वैकल्पिक मार्गों और पार्किंग सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।
  • मल्लीताल और तल्लीताल सौंदर्यीकरण: झील के किनारे चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लेते हुए उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि नैनीताल की ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखते हुए ही आधुनिक विकास कार्य किए जाएं।

अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक: दिए कड़े निर्देश

निरीक्षण के उपरांत मुख्य सचिव ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की:

  1. गुणवत्ता से समझौता नहीं: उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। यदि कहीं भी मानक के अनुरूप कार्य नहीं पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
  2. अंतर-विभागीय समन्वय: आनंद वर्धन ने जोर देकर कहा कि जल संस्थान, विद्युत विभाग और लोक निर्माण विभाग आपस में समन्वय बनाकर काम करें, ताकि एक कार्य पूरा होने के बाद सड़क को दोबारा खोदने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
  3. जनता की शिकायतों का निस्तारण: उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जनशिकायतों का निस्तारण त्वरित गति से किया जाए।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

मुख्य सचिव ने नैनीताल की नाजुक पारिस्थितिकी (Ecology) को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए:

  • झील संरक्षण: नैनी झील के जल स्तर और स्वच्छता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए ताकि झील प्रदूषित न हो।

होमस्टे को प्रोत्साहन: स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्होंने जिले में ‘होमस्टे योजना’ का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने और पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने की बात कही।

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