देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड न्यायपालिका के इतिहास में शनिवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। नैनीताल उच्च न्यायालय के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) शनिवार को राजधानी देहरादून में आयोजित एक भव्य समारोह में अपने पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। वे उत्तराखंड उच्च न्यायालय के 15वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
राजभवन में आयोजित होगा शपथ ग्रहण समारोह
जानकारी के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह देहरादून स्थित राजभवन में आयोजित किया जाएगा। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह नए मुख्य न्यायाधीश को पद की शपथ दिलाएंगे। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता और शासन के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।
वरिष्ठता और अनुभव का लाभ
नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश का चयन उनके व्यापक कानूनी अनुभव और न्यायिक क्षेत्र में दी गई उत्कृष्ट सेवाओं के आधार पर किया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति की मुहर लगते ही उनकी नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ था। उनसे पूर्व इस पद पर आसीन मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने या स्थानांतरण के बाद से यह पद चर्चा में था।
न्यायिक प्रणाली में नई ऊर्जा की उम्मीद
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नए मुख्य न्यायाधीश के आने से उत्तराखंड की न्यायिक प्रक्रियाओं में और अधिक तेजी आएगी। विशेष रूप से:
- लंबित मामलों का निस्तारण: राज्य की विभिन्न अदालतों में लंबित पड़े हजारों मामलों के त्वरित समाधान के लिए नई कार्ययोजना की उम्मीद है।
- डिजिटल बुनियादी ढांचा: उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा सकता है।
- सुलभ न्याय: दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों के लिए न्याय को और अधिक सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
15वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में गौरवशाली सफर
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद से अब तक 14 मुख्य न्यायाधीश अपनी सेवाएं दे चुके हैं। शनिवार को होने वाला यह 15वां शपथ ग्रहण समारोह राज्य की न्यायपालिका को एक नया नेतृत्व प्रदान करेगा। शपथ ग्रहण के पश्चात नए मुख्य न्यायाधीश नैनीताल स्थित उच्च न्यायालय पहुंचकर अपना विधिवत कार्यभार संभालेंगे, जहाँ परंपरागत रूप से उनका स्वागत किया जाएगा।





