देहरादून/पिथौरागढ़ (19 मार्च, 2026): देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है, जिससे पूरी घाटी कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गई है। पिछले 12 घंटों से राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजधानी देहरादून सहित 7 प्रमुख जिलों के लिए भारी बारिश और गर्जना का अलर्ट जारी किया है।
चारधामों में जमी बर्फ की मोटी परत, चांदी सा चमका पिथौरागढ़
हिमालयी क्षेत्रों में हो रही इस ताजा बर्फबारी ने चारों धामों का नजारा पूरी तरह बदल दिया है:
- सफेद चादर में लिपटे बदरी-केदार: बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित गंगोत्री और यमुनोत्री की पहाड़ियों पर रात भर से भारी हिमपात जारी है। नीलकंठ, नारायण पर्वत और मंदिर परिसर पूरी तरह बर्फ से ढके नजर आ रहे हैं।
- पिथौरागढ़ में शीतलहर का प्रकोप: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के मुनस्यारी और धारचूला जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। पंचाचूली और राजरंभा की चोटियां चांदी की तरह चमक रही हैं, जिससे निचले इलाकों में हाड़ कपाने वाली ठंड लौट आई है।
मैदानी इलाकों में बारिश से गिरा पारा, प्रशासन हाई अलर्ट पर
पहाड़ों पर बर्फबारी का सीधा असर राज्य के मैदानी और घाटी वाले क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है:
- लगातार बूंदाबांदी: पिछले 12 घंटों से जारी रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आई है।
- इन 7 शहरों के लिए चेतावनी: मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल के लिए भारी बारिश और बिजली चमकने का विशेष अलर्ट जारी किया है।
- भूस्खलन का खतरा: लगातार हो रही बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslides) की आशंका बढ़ गई है, जिसे देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को ‘स्टैंडबाय’ पर रखा गया है।
अगले 48 घंटे रहेंगे भारी: मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं:
- झोंकेदार हवाओं का कहर: मैदानी इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अलर्ट: 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर अगले 24 से 48 घंटों तक भारी बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए एडवायजरी
प्रशासन ने चारधाम की ओर रुख करने वाले यात्रियों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से रात के समय पहाड़ी रास्तों पर सफर न करने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने का आग्रह किया गया है।





