रुद्रपुर/देहरादून: उत्तराखंड को ‘उत्पादन हब’ बनाने की दिशा में धामी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के औद्योगिक जिले ऊधमसिंह नगर में सिडकुल के विस्तार के लिए 1354 एकड़ भूमि के आवंटन का रास्ता साफ हो गया है। सरकार के इस फैसले से राज्य में निवेश के इच्छुक बड़े औद्योगिक घरानों को अब भूमि की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस विशाल भूखंड पर नए उद्योगों की स्थापना से उत्तराखंड में न केवल हजारों करोड़ का निवेश आएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के भी अभूतपूर्व अवसर पैदा होंगे।
औद्योगिक गलियारे का होगा विस्तार
ऊधमसिंह नगर पहले से ही सिडकुल के सिडकुल-पंतनगर और सितारगंज जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जाना जाता है। अब 1354 एकड़ की अतिरिक्त भूमि मिलने से:
- बड़े उद्योगों का आगमन: भारी मशीनरी, ऑटोमोबाइल, और फार्मास्युटिकल सेक्टर की बड़ी कंपनियां जो लंबे समय से जमीन की तलाश में थीं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
- लॉजिस्टिक्स हब: इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स के लिए उपयोग किया जा सकता है, जिससे उत्तर भारत में माल की आपूर्ति और सुगम होगी।
कैबिनेट ने दी आवंटन प्रक्रिया को गति
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस भूमि के हस्तांतरण और उपयोग के नियमों को सरल बनाया गया है।
- सिंगल विंडो क्लीयरेंस: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भूमि आवंटन से लेकर उद्योगों की स्थापना तक की प्रक्रिया ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के जरिए पूरी की जाए ताकि निवेशकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
- बुनियादी ढांचे का विकास: सिडकुल प्रशासन इस 1354 एकड़ क्षेत्र में चौड़ी सड़कें, निर्बाध बिजली आपूर्ति और आधुनिक जल निकासी प्रणाली (Drainage System) विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रहा है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा ‘बूस्टर’
इस बड़े औद्योगिक विस्तार का सीधा लाभ ऊधमसिंह नगर और आसपास के जिलों के निवासियों को मिलेगा:
- प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार: नए कारखानों के खुलने से तकनीकी और गैर-तकनीकी क्षेत्रों में लगभग 20,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।
- एमएसएमई (MSME) को सहारा: बड़े उद्योगों के आने से छोटे सहायक उद्योगों (Vendors) को भी काम मिलेगा, जिससे स्थानीय बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा।
क्यों अहम है ऊधमसिंह नगर?
भौगोलिक रूप से ऊधमसिंह नगर मैदानी इलाका होने और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे होने के कारण उद्योगों के लिए पहली पसंद रहा है। रेल और सड़क मार्ग की बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यहां से तैयार माल को दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में भेजना काफी आसान और किफायती है।
मुख्यमंत्री का विजन: “निवेश से ही समृद्धि”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि भूमि आवंटन में पारदर्शिता बरती जाए और केवल उन्हीं उद्योगों को प्राथमिकता दी जाए जो पर्यावरण मानकों का पालन करते हों।
“1354 एकड़ भूमि का यह आवंटन उत्तराखंड के औद्योगिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। हम चाहते हैं कि हमारे युवा यहीं रहकर गौरवपूर्ण रोजगार पाएं और उत्तराखंड देश की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाए।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री





