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उत्तराखंड: ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन, यमुनोत्री मार्ग 20 दिन से ठप

नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल)। लगातार बारिश और भू-संरचनात्मक अस्थिरता ने उत्तराखंड की सड़कों पर संकट गहरा दिया है। गुरुवार को ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-34) पर नरेंद्रनगर क्षेत्र के बगड़धार में भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से गिरे मलबे और चट्टानों के कारण राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

जानकारी के अनुसार, सुबह अचानक पहाड़ी दरकने से राजमार्ग पर बोल्डर और मलबा आ गिरा। इस दौरान सड़क से गुजर रहे वाहनों को तत्काल रोक दिया गया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि, मार्ग बंद होने से गंगोत्री की ओर जाने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य कर रही है, लेकिन लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण सड़क खोलने में समय लग सकता है।

इधर, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-123) पहले से ही पिछले 20 दिनों से अवरुद्ध है। खड़िया और खराड़ी के बीच बड़े पैमाने पर भूस्खलन होने से यह मार्ग बंद पड़ा है। सड़क बहाल करने के लिए प्रशासन की ओर से कई बार प्रयास किए गए, लेकिन बारिश और लगातार गिरते मलबे ने राहत कार्यों की रफ्तार रोक दी। परिणामस्वरूप क्षेत्र के लोग मूलभूत सुविधाओं और आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से मार्ग बाधित रहने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। मरीजों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालु भी फंसे हुए हैं या उन्हें अन्य रास्तों से लौटना पड़ रहा है।

प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होते ही दोनों मार्गों को प्राथमिकता से खोला जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ों में लगातार हो रहे भूस्खलन से सड़क खोलना चुनौतीपूर्ण हो गया है, लेकिन मशीनों और श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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