उत्तरकाशी: सीमावर्ती जनपद उत्तरकाशी में मौसम ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से जारी ताजा हिमपात (Snowfall) के कारण जनपद की संचार और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भारी बर्फबारी के चलते सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गए हैं। सड़कों पर कई फीट बर्फ जमा होने के कारण दर्जनों वाहन बीच रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
हाईवे पर थमी रफ्तार: तीन फीट तक जमी बर्फ
लगातार हो रही बर्फबारी ने उत्तरकाशी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले मुख्य मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है।
- गंगोत्री हाईवे: गंगनानी से लेकर गंगोत्री धाम तक सड़क पर भारी बर्फ जमा है। विशेष रूप से सुक्खी टॉप और धराली के पास बर्फ की मोटी परत के कारण वाहनों की आवाजाही असंभव हो गई है।
- यमुनोत्री हाईवे: राडी टॉप और हनुमानचट्टी के पास लगभग दो से तीन फीट बर्फ जमने की सूचना है, जिससे यमुनोत्री धाम का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
गांवों का संपर्क कटा, बिजली-पानी का संकट
बर्फबारी का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनपद के ऊंचे इलाकों में स्थित दर्जनों गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालयों से टूट गया है।
- अंधेरे में डूबे गांव: भारी बर्फ के दबाव से पेड़ गिरने के कारण बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे मोरी और भटवाड़ी ब्लॉक के कई गांव अंधेरे में डूबे हैं।
- पेयजल समस्या: अत्यधिक ठंड के कारण पानी की पाइपलाइनों में पानी जम गया है, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए बर्फ पिघलाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रशासन और BRO का साझा मोर्चा
मार्गों को खोलने के लिए प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है।
- मशीनों की तैनाती: बीआरओ ने भारी हिमपात वाले क्षेत्रों में स्नो कटर और डोजर तैनात किए हैं, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी और कम दृश्यता (Visibility) के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
- पुलिस की पैनी नजर: पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से उत्तरकाशी और बड़कोट के पास बैरियर लगाकर वाहनों को आगे जाने से रोक दिया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
पर्यटकों के लिए चेतावनी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
- अनावश्यक यात्रा से बचें: लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक मौसम साफ न हो जाए, तब तक ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों की ओर रुख न करें।
- फिसलन का खतरा: पाला गिरने के कारण सड़कों पर फिसलन काफी बढ़ गई है, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है।
“हमारी टीमें हाईवे से बर्फ हटाने के काम में जुटी हैं। पहली प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और आवश्यक सेवाओं को बहाल करना है। मौसम साफ होते ही यातायात को सुचारू कर दिया जाएगा।” — अभिषेक रुहेला, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी





