उत्तरकाशी। आपदा की मार झेल रहे गंगोत्री धाम यात्रा मार्ग पर आखिरकार बड़ी राहत मिली है। धराली आपदा के 25 दिन बाद गंगोत्री हाईवे को आवाजाही के लिए खोल दिया गया। हर्षिल घाटी में बनी झील और मलबे की चपेट में आने से यह मार्ग लंबे समय से अवरुद्ध था।
दरअसल, बीते माह भारी बारिश के दौरान धराली क्षेत्र में भयंकर आपदा आई थी। पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा गिरने और पानी के तेज बहाव से हर्षिल के पास झील बन गई थी, जिसने गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से डुबो दिया। इसके बाद से हाईवे पर आवाजाही बंद हो गई थी।
यात्रा मार्ग अवरुद्ध होने से न केवल गंगोत्री धाम की यात्रा ठप पड़ी, बल्कि आसपास के ग्रामीण भी लंबे समय तक फंसे रहे। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई और स्थानीय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
प्रशासन और एनएचआईडीसीएल की टीमों ने दिन-रात मेहनत कर झील का पानी निकालने और सड़क से मलबा हटाने का काम किया। कई बार तेज बारिश और भूस्खलन के कारण कार्य बीच में बाधित होता रहा, लेकिन आखिरकार 25 दिन की मशक्कत के बाद मार्ग खोलने में सफलता मिली।
मार्ग खुलने के साथ ही धाम यात्रा फिर से शुरू हो सकेगी। प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से हाईवे पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और भारी वाहनों की आवाजाही फिलहाल नियंत्रित रहेगी। यात्रियों और श्रद्धालुओं को एहतियात बरतने की सलाह भी दी गई है।
स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों ने हाईवे खुलने पर राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि आपदा के चलते पर्यटन और यात्रा गतिविधियाँ पूरी तरह से रुक गई थीं, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा था। अब मार्ग खुलने से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।





