तेहरान/कोलंबो: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की विभीषिका थमने का नाम नहीं ले रही है। इजरायली हमलों और सीमावर्ती संघर्षों के बीच ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1332 हो गई है। यह आंकड़ा पिछले 48 घंटों में हुए भीषण हवाई हमलों के बाद तेजी से बढ़ा है। इस बीच, युद्ध के मैदान से दूर हिंद महासागर में मानवता की एक मिसाल देखने को मिली है, जहाँ श्रीलंका की नौसेना ने समुद्र में फंसे घायल ईरानी नौसैनिकों को बचाकर अस्पताल पहुँचाया।
ईरान में कोहराम: अस्पतालों में जगह कम, मलबे में दबे सैकड़ों लोग
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है:
- बढ़ती हताहतें: हमलों के कारण अब तक 1332 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में सुरक्षा बल और नागरिक शामिल हैं।
- घायलों की संख्या: करीब 4,500 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें से कई की स्थिति नाजुक है।
- बुनियादी ढांचे की तबाही: सैन्य ठिकानों के साथ-साथ संचार और ऊर्जा केंद्रों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
श्रीलंका नौसेना का रेस्क्यू ऑपरेशन: समंदर में बनी ‘लाइफलाइन’
जंग के बीच एक राहत भरी खबर हिंद महासागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र से आई:
- आपातकालीन संदेश (SOS): एक ईरानी सैन्य पोत, जो संभवतः गश्त या रसद आपूर्ति पर था, से आपातकालीन चिकित्सा सहायता का संदेश जारी किया गया था।
- तत्काल कार्रवाई: श्रीलंका नौसेना ने तत्काल अपने गश्ती पोत को रवाना किया और गंभीर रूप से घायल ईरानी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला।
- मानवीय सहायता: घायल जवानों को कोलंबो के पास एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। श्रीलंका सरकार ने इसे ‘विशुद्ध मानवीय आधार’ पर की गई कार्रवाई बताया है।
क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक प्रतिक्रिया
मिडिल ईस्ट में हालात अब ‘पॉइंट ऑफ नो रिटर्न’ (पीछे न लौटने की स्थिति) पर पहुँचते दिख रहे हैं:
- इजरायल का रुख: इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने संकेत दिया है कि जब तक ईरान की ओर से खतरों को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाता, ऑपरेशन जारी रहेगा।
- ईरान की जवाबी चेतावनी: ईरान के सर्वोच्च नेता ने स्पष्ट किया है कि हर हमले का जवाब और भी घातक तरीके से दिया जाएगा।
- संयुक्त राष्ट्र की अपील: UN ने एक बार फिर तत्काल युद्धविराम की अपील की है ताकि नागरिक मौतों के आंकड़े को और बढ़ने से रोका जा सके।





