तेहरान/मुंबई: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच अब एक नया मोर्चा खुल गया है— ‘सोशल मीडिया वॉर’। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनातनी के बीच ईरान के दूतावासों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के खिलाफ व्यंग्य और चुटीले अंदाज में मोर्चा खोल दिया है। इस डिजिटल युद्ध में ईरानी राजनयिक बॉलीवुड से लेकर म्यूजिकल वीडियो तक का सहारा ले रहे हैं।
शाहरुख खान के डायलॉग से ट्रंप पर वार
मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बेहद चर्चा बटोरने वाला पोस्ट किया। राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों का जवाब देते हुए दूतावास ने बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के प्रसिद्ध डायलॉग का सहारा लिया। पोस्ट में संकेत दिया गया कि हालिया सैन्य गतिविधियां तो ‘सिर्फ ट्रेलर हैं, पूरी पिक्चर अभी बाकी है।’ इसके जरिए ईरान ने चेताया है कि यदि तनाव बढ़ा, तो उसकी प्रतिक्रिया और भी अधिक तीखी और व्यापक होगी।
‘लाल मधुमक्खियों’ का खौफ और ट्रंप का मजाक
ईरानी दूतावास ने ट्रंप के उस दावे का भी मजाक उड़ाया जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरानी नौसेना को तबाह कर दिया गया है।
- रेड बीज (Red Bees): दूतावास ने लिखा कि फारस की खाड़ी की ‘लाल मधुमक्खियां’— यानी ईरान की अत्यधिक तेज रफ्तार वाली मिसाइल नौकाएं— अब भी पूरी तरह सक्रिय हैं और किसी भी समय पलटवार करने के लिए तैयार खड़ी हैं।
- म्यूजिकल तंज: दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने ट्रंप का एक ‘म्यूजिकल स्टाइल’ वीडियो साझा किया। इस वीडियो में ट्रंप को मजाकिया अंदाज में यह कहते हुए दिखाया गया कि यदि उन्हें रोका गया, तो वे भी दूसरों का रास्ता रोक देंगे। दूतावास ने इसे ट्रंप का ‘ब्लॉकेड’ (नाकेबंदी) करार दिया।
राजनयिक मर्यादा और मानवीय व्यवहार पर चर्चा
हाल ही में ईरान द्वारा मार गिराए गए एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के पायलट के मामले ने भी खूब तूल पकड़ा। पायलट की मां द्वारा अपने बेटे की सुरक्षा के लिए की गई भावुक अपील पर पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावासों ने प्रतिक्रिया दी।
- दूतावासों ने तर्क दिया कि अमेरिकी पायलट अपने देश (अमेरिका) की तुलना में ईरान में अधिक सुरक्षित महसूस करेगा।
- दक्षिण अफ्रीका के दूतावास ने जोर देकर कहा कि ईरान एक सभ्य राष्ट्र है और वह युद्धबंदियों के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सम्मानजनक व्यवहार करने की परंपरा रखता है।
वैश्विक स्तर पर ईरान की डिजिटल आक्रामकता
यह कूटनीतिक रुख केवल भारत तक सीमित नहीं है। लंदन, अंकारा, बेरूत, घाना और जिंबाब्वे जैसे देशों में स्थित ईरानी दूतावास भी लगातार इसी तरह के तीखे और व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय जनमत को प्रभावित करने और अमेरिकी धमकियों के मनोवैज्ञानिक असर को कम करने की कोशिश कर रहा है।




