इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शुक्रवार को एक भीषण आतंकवादी हमले से कांप उठी। शहर के एक व्यस्त रिहायशी इलाके में स्थित शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान एक आत्मघाती हमलावर (फिदायीन) ने खुद को उड़ा लिया। इस आत्मघाती विस्फोट में अब तक 24 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 101 अन्य घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। हमले के समय मस्जिद में भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
धमाके का मंजर: नमाज के दौरान मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब मस्जिद के भीतर नमाज अदा की जा रही थी:
- सुरक्षा घेरा तोड़कर घुसा हमलावर: काला कोट पहने एक संदिग्ध हमलावर ने मस्जिद के मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग की और चकमा देकर भीतर दाखिल हो गया।
- जोरदार विस्फोट: जैसे ही हमलावर नमाजियों की सफों (कतारों) के बीच पहुँचा, उसने अपनी जैकेट में लगे विस्फोटकों को सक्रिय कर दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद की छत का एक हिस्सा गिर गया और खिड़कियों के शीशे कई मीटर दूर तक जा गिरे।
- इलाके में दहशत: धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनों की तलाश में मस्जिद की ओर दौड़ पड़े।
राहत एवं बचाव कार्य: अस्पतालों में ‘इमरजेंसी’ घोषित
विस्फोट के तुरंत बाद इस्लामाबाद पुलिस और रेंजर्स ने पूरे इलाके को सील कर दिया:
- बचाव अभियान: राहतकर्मियों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। एम्बुलेंसों के जरिए घायलों को ‘पिम्स’ (PIMS) और पॉलीक्लिनिक अस्पताल पहुँचाया गया।
- रक्तदान की अपील: घायलों की बड़ी संख्या को देखते हुए अस्पतालों ने आपातकाल (Emergency) घोषित कर दिया है और नागरिकों से रक्तदान करने की अपील की है।
- फॉरेंसिक जांच: बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक टीमों ने मौके से हमलावर के अवशेष और सबूत इकट्ठा किए हैं।
आतंकी हमले की जिम्मेदारी और सुरक्षा पर सवाल
राजधानी के ‘हाई-सिक्योरिटी’ जोन के पास हुए इस हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- सुरक्षा में चूक: राजधानी में कड़े पहरे के बावजूद एक आत्मघाती हमलावर का मस्जिद के भीतर पहुँच जाना सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी नाकामी माना जा रहा है।
- निशाने पर अल्पसंख्यक: पाकिस्तान में शिया समुदाय पर होने वाले हमलों का सिलसिला थम नहीं रहा है। हालांकि अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अतीत में ऐसे हमलों के पीछे प्रतिबंधित संगठनों का हाथ रहा है।
सरकार और विश्व नेताओं की निंदा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की है। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का एलान किया है और गृह मंत्रालय से 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
“यह हमला पाकिस्तान की शांति और अखंडता पर प्रहार है। निर्दोष नमाजियों का खून बहाने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। हम आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई और तेज करेंगे।” — पाकिस्तानी गृह मंत्री
निष्कर्ष: शोक में डूबा शहर
इस हमले के बाद इस्लामाबाद सहित प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को ‘रेड अलर्ट’ पर रखा गया है। शिया संगठनों ने इस नरसंहार के विरोध में देशव्यापी शोक और प्रदर्शन का आह्वान किया है।





