इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक भीषण आतंकी हमले से दहल उठी है। शहर की एक व्यस्त मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती विस्फोट (Suicide Attack) की जिम्मेदारी खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने ली है। इस हमले में दर्जनों लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में नमाजियों के घायल होने की खबर है। हमले की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विस्फोट उस समय हुआ जब मस्जिद के भीतर सैकड़ों लोग इबादत के लिए जमा थे। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और राजधानी के ‘हाई-सिक्योरिटी’ जोन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ हमला? चश्मदीदों की जुबानी
सुरक्षा सूत्रों और चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर ने बेहद सोची-समझी साजिश के तहत मस्जिद को निशाना बनाया:
- भीड़ का उठाया फायदा: सुसाइड बॉम्बर नमाजियों की कतारों के बीच घुसने में कामयाब रहा। जैसे ही नमाज शुरू हुई, उसने अपने शरीर पर बंधे विस्फोटक बेल्ट में धमाका कर दिया।
- मस्जिद में तबाही: धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद की छत का एक हिस्सा गिर गया और खिड़कियों के शीशे टूटकर दूर तक जा गिरे। चारों तरफ धुआं और चीख-पुकार मच गई।
- निशाने पर निर्दोष: उस समय मस्जिद में बुजुर्गों और बच्चों समेत करीब 200 से अधिक लोग मौजूद थे।
ISIS का दावा और सुरक्षा एजेंसियों की विफलता
हमले के कुछ ही घंटों बाद ISIS ने अपनी प्रचार शाखा के जरिए इस धमाके की जिम्मेदारी स्वीकार की।
- सुरक्षा में बड़ी चूक: राजधानी के संवेदनशील इलाके में एक आत्मघाती हमलावर का प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी नाकामी माना जा रहा है।
- आतंकी नेटवर्क: खुफिया विशेषज्ञों का मानना है कि ISIS का यह हमला अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और पाकिस्तान सरकार को चुनौती देने की एक कोशिश है।
- हाई अलर्ट: हमले के बाद इस्लामाबाद और रावलपिंडी समेत पूरे देश के प्रमुख शहरों में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया गया है।
अस्पतालों में आपातकाल और सरकार की प्रतिक्रिया
धमाके के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को पास के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
- इमरजेंसी लागू: अस्पतालों में खून की कमी को देखते हुए आम जनता से रक्तदान की अपील की गई है।
- निंदा और कार्रवाई का वादा: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। सरकार ने दावा किया है कि इस कायराना हरकत के पीछे शामिल नेटवर्क को जल्द ही नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
निष्कर्ष: दहशत के साये में राजधानी
इस हमले ने इस्लामाबाद के निवासियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी धार्मिक स्थल पर हुए इस हमले की निंदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सीमा पार और देश के भीतर सक्रिय आतंकी गुटों पर सख्त लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं में और वृद्धि हो सकती है।
“मस्जिद के भीतर का नजारा रूह कंपा देने वाला था। इबादत कर रहे लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है। हम हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं।” — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, इस्लामाबाद




